नई दिल्ली। बिजली के बढ़ते बिलों से राहत पाने के लिए अब बड़ी संख्या में लोग सौर ऊर्जा की ओर रुख कर रहे हैं और इस दिशा में अदानी सोलर पैनल सिस्टम एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में उभर कर सामने आया है। देश के अग्रणी औद्योगिक समूहों में शामिल अदानी समूह ने सोलर एनर्जी सेक्टर में मजबूत आधार बनाया है, जिससे इसके उत्पादों पर लोगों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है। स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता ने भी सोलर सिस्टम को आम उपभोक्ताओं के लिए आकर्षक बना दिया है।
अदानी सोलर द्वारा निर्मित सोलर पैनल सिस्टम सूर्य की किरणों से बिजली उत्पन्न कर घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करता है। इन पैनलों में उन्नत तकनीक वाले सोलर सेल लगाए जाते हैं, जो मजबूत ढांचे और लंबे समय तक टिकाऊ प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। यही वजह है कि देश के विभिन्न हिस्सों में लोग अदानी सोलर सिस्टम को दीर्घकालिक निवेश के रूप में देख रहे हैं।
सोलर पैनल सिस्टम से होने वाला बिजली उत्पादन उसकी क्षमता पर निर्भर करता है। सामान्यतः 1 किलोवाट क्षमता वाला सिस्टम प्रतिदिन लगभग 4 से 5 यूनिट बिजली उत्पन्न करता है। यदि क्षमता 3 किलोवाट हो, तो प्रतिदिन 12 से 15 यूनिट तक बिजली मिल सकती है, जबकि 5 किलोवाट के सिस्टम से लगभग 20 से 25 यूनिट प्रतिदिन उत्पादन संभव होता है। हालांकि, मौसम की स्थिति, धूप की अवधि और पैनल की दिशा के अनुसार उत्पादन में थोड़ा बहुत अंतर देखा जा सकता है।
मासिक स्तर पर देखा जाए तो 1 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगभग 120 से 150 यूनिट बिजली उत्पन्न कर सकता है। यदि प्रति यूनिट बिजली की कीमत 7 से 8 रुपये मानी जाए, तो इससे हर महीने करीब 900 से 1,200 रुपये तक की बचत संभव है। वहीं 3 किलोवाट क्षमता वाला सिस्टम 350 से 450 यूनिट तक मासिक उत्पादन कर सकता है, जिससे बिजली बिल में लगभग 2,500 से 3,500 रुपये तक की राहत मिल सकती है। जैसे-जैसे सिस्टम की क्षमता बढ़ती है, बचत की राशि भी उसी अनुपात में बढ़ जाती है।
सरकार द्वारा आवासीय सोलर पैनल सिस्टम को प्रोत्साहन देने के लिए सब्सिडी की व्यवस्था की गई है और अदानी सोलर सिस्टम भी इन योजनाओं के अंतर्गत आते हैं। सामान्य तौर पर 3 किलोवाट तक की सौर प्रणाली पर 30 से 40 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध हो सकता है। सब्सिडी मिलने के बाद कुल स्थापना लागत काफी कम हो जाती है, जिससे उपभोक्ता कम समय में अपने निवेश की भरपाई कर पाते हैं। हालांकि, सब्सिडी की दर राज्य और लागू सरकारी योजना के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
अदानी सोलर पैनल सिस्टम की औसत कार्यकाल अवधि लगभग 25 वर्ष या उससे अधिक मानी जाती है। कंपनी की ओर से दी जाने वाली लंबी अवधि की वारंटी ग्राहकों के लिए अतिरिक्त भरोसा प्रदान करती है। रखरखाव की दृष्टि से भी यह सिस्टम सुविधाजनक है, क्योंकि नियमित अंतराल पर पैनलों की सफाई और समय-समय पर तकनीकी जांच से सिस्टम लंबे समय तक बेहतर प्रदर्शन करता रहता है।

