नई दिल्ली। देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से बेहद अहम संसद का बजट सत्र आज 28 जनवरी 2026 से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है, जो दो चरणों में आयोजित किया जाएगा और 2 अप्रैल 2026 तक चलेगा। बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हुई, जिसमें सरकार की नीतियों, प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजनाओं का खाका प्रस्तुत किया गया।
इस सत्र का सबसे महत्वपूर्ण दिन 1 फरवरी होगा, जब केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026–27 का आम बजट लोकसभा में पेश किया जाएगा। बजट पेश होने के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दोनों सदनों में विस्तृत चर्चा होगी, जिसमें सरकार की आर्थिक नीतियों, विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है। बजट सत्र के दौरान सरकार कई अहम विधेयक भी पेश कर सकती है, वहीं विपक्ष महंगाई, बेरोजगारी और अन्य ज्वलंत मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। सत्र के सुचारु संचालन के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय और दोनों सदनों के पीठासीन अधिकारियों ने सभी दलों से सहयोग की अपील की है।
इसी दिन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एनसीसी रैली को भी संबोधित करेंगे, जहां वे युवाओं को राष्ट्र निर्माण, अनुशासन और सेवा भाव का संदेश देंगे। इसे सरकार की युवा-केंद्रित सोच के रूप में देखा जा रहा है। वहीं राष्ट्रीय स्तर के साथ-साथ राज्यों में भी बजट गतिविधियां तेज हो गई हैं। राजस्थान विधानसभा का बजट सत्र भी आज से प्रारंभ हो गया है, जहां राज्य सरकार आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपने बजट और विकास एजेंडे को सदन के सामने रखेगी।

