एमसीबी, छत्तीसगढ़। धान खरीदी वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में शासन की किसान-हितैषी नीति के प्रभाव से धान खरीदी का कार्य सुव्यवस्थित और पूरी पारदर्शिता के साथ तेजी से चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के परिणामस्वरूप जिले के सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों को सुरक्षित, समयबद्ध और सम्मानजनक व्यवस्था के तहत धान बेचने का अवसर मिल रहा है, जिससे किसानों का शासन-प्रशासन पर भरोसा लगातार मजबूत हो रहा है।
21 जनवरी को जिले में कुल 2160.48 क्विंटल धान की खरीदी की गई। केंद्रवार आंकड़ों के अनुसार कछोड़ में 82.52 क्विंटल, कमर्जी में 65.64 क्विंटल, केल्हारी में 133.64 क्विंटल, कोटाडोल में 54.80 क्विंटल, रापा में 27.36 क्विंटल, कटकोना में 73.40 क्विंटल, कोड़ा में 152.04 क्विंटल, कौड़ीमार में 110.48 क्विंटल, खड़गवां में 76.32 क्विंटल, बरदर में 88.04 क्विंटल, रतनपुर में 22.72 क्विंटल, सिंगहत में 40.32 क्विंटल, कंजिया में 77.04 क्विंटल, कुँवारपुर में 145.68 क्विंटल, घुटरा में 72.20 क्विंटल, कठौतिया में 64.60 क्विंटल, चैनपुर में 93.80 क्विंटल, बंजी में 81.08 क्विंटल, जनकपुर में 139.64 क्विंटल, बहरासी में 65.08 क्विंटल, डोडकी में 115.92 क्विंटल, नागपुर में 59.56 क्विंटल, बरबसपुर में 76.22 क्विंटल, माड़ीसरई में 125.68 क्विंटल तथा सिंगरौली उपार्जन केंद्र में 116.80 क्विंटल धान की सफल खरीदी की गई।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में शासन द्वारा धान खरीदी के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है तथा प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल तक धान खरीदी की नीति लागू की गई है। इस किसान-हितैषी निर्णय से किसानों को उनकी उपज का पूरा और लाभकारी मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी संबल मिल रहा है।
धान खरीदी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए टोकन प्रणाली, डिजिटल तौल कांटा, फोटो आधारित सत्यापन और रियल टाइम डाटा एंट्री जैसी व्यवस्थाएँ प्रभावी रूप से लागू की गई हैं। भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और किसानों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ रहा है।

