एमसीबी, छत्तीसगढ़। बाल सप्ताह के अवसर पर शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मनेन्द्रगढ़ में रंगोली प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आर. के. खाती के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा जिला बाल संरक्षण अधिकारी सुश्री कोमल सिंह द्वारा तैयार की गई थी। प्रतियोगिता में विद्यालय की छात्राओं ने अत्यंत उत्साह और रचनात्मकता के साथ भाग लिया। आकर्षक रंगोलियों के माध्यम से छात्राओं ने सामाजिक संदेश, बाल अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बाल विवाह उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों को कलात्मक रूप में प्रस्तुत किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर प्रतिभागियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा बाल विवाह की सामाजिक और कानूनी बुराइयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि बाल विवाह न केवल कानूनी दंडनीय अपराध है, बल्कि यह बालिकाओं के शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और संपूर्ण विकास में गंभीर बाधा उत्पन्न करता है। साथ ही बाल अधिकारों से संबंधित प्रावधानों शिक्षा का अधिकार, सुरक्षा का अधिकार, संरक्षण का अधिकार तथा सहभागिता का अधिकार पर भी विस्तृत चर्चा की गई।छात्राओं को बाल दिवस क्यों मनाया जाता है, और इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि क्या है, इस विषय पर भी रोचक और प्रेरक जानकारी प्रदान की गई, जिससे कार्यक्रम का महत्व और बढ़ गया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्राओं की उपस्थिति रही, जिससे आयोजन और अधिक सार्थक व प्रभावशाली बना।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम-संरक्षण अधिकारी (संस्थागत देखरेख) सुश्री बिन्दीया खलखो, सामाजिक कार्यकर्ता रामयज्ञ साहू, आउटरीच वर्कर ताज मोहम्मद तथा केस वर्कर देवंती बाई का विशेष सहयोग रहा। बाल अधिकारों, बाल संरक्षण और बालिकाओं में सशक्तिकरण की भावना को बढ़ावा देने वाला यह कार्यक्रम बाल सप्ताह का एक महत्वपूर्ण और प्रेरक आयोजन साबित हुआ।

