नई दिल्ली: ग्रामीण विकास मंत्रालय (एमओआरडी) ने आज एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के अंतर्गत स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाओं के लिए “इलेक्ट्रिक साइकिलों के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों के लिए टिकाऊ परिवहन” (एसटीआरईई) की सुविधा प्रदान करना है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को, विशेष रूप से ग्रामीण महिलाओं को, इलेक्ट्रिक साइकिलों की सहायता से हरित आवागमन तक पहुंच प्रदान करके सशक्त बनाना है।
इस समझौते पर ग्रामीण विकास सचिव श्री शैलेश कुमार सिंह की उपस्थिति में ग्रामीण आजीविका मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्मृति शरण और सीईएसएल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री विशाल कपूर ने हस्ताक्षर किए। श्री शैलेश कुमार सिंह ने कहा कि हरित आवागमन के लिए यह साझेदारी ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को सहायता प्रदान करेगी और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की परिकल्पना के अनुरूप “लखपति दीदियों” को सक्षम बनाने में तेजी लाएगी।
श्रीमती स्मृति शरण ने कहा कि ईईएसएल के साथ यह साझेदारी ग्रामीण उद्यमिता में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए वरदान सिद्ध होगी। श्री विशाल कपूर ने कहा कि इस हस्तक्षेप के माध्यम से सीईएसएल ग्रामीण क्षेत्रों में तीन करोड़ “लखपति दीदियों” को सक्षम बनाने की सरकार की पहल का समर्थन करने के लिए उत्सुक है। यह महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय हरित उद्देश्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस परियोजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के बीच आजीविका के अवसर, स्वतंत्रता और समृद्धि का निर्माण करना है, जिससे उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकेगा। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवहन को भीड़-भाड़ से मुक्त रखना है, जिससे प्रत्येक जगह परिवहन क्षेत्र में कार्बन उत्सर्जन समाप्त करने में योगदान मिल सके। कन्वर्जेंस एनर्जी सर्विसेज लिमिटेड (सीईएसएल) सरकारी स्वामित्व वाली एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, जो भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का एक संयुक्त उद्यम है। सीईएसएल ऐसे ऊर्जा समाधानों पर केंद्रित है जो अक्षय ऊर्जा, इलेक्ट्रिक परिवहन और जलवायु परिवर्तन पर आधारित हैं।
दीनदयाल उपाध्याय अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) का लक्ष्य कृषि एवं गैर-कृषि क्षेत्रों को सम्मिलित करते हुए विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में विभिन्न अवसरों के साथ स्वयं सहायता समूह के महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को प्रोत्साहन देना है। डीएवाई-एनआरएलएम ने इसकी शुरूआत के बाद से, सामाजिक समावेशन, वित्तीय सेवाओं तक पहुंच और महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सबसे बड़ा मंच बनाने में सहायता की है।
इस कार्यक्रम में सीईएसएल की उप महाप्रबंधक सुश्री रितु सिंह, एनएमएमयू, ग्रामीण विकास मंत्रालय के श्री राजीव सिंघल और अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।

