एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिले के ग्राम पंचायत तिलोखन और घाघरा क्षेत्र के ग्रामीण इन दिनों एक जंगली लकड़बग्घे के कारण भारी दहशत में जी रहे हैं। बीते कुछ दिनों से यह लकड़बग्घा लगातार गांव और आसपास के इलाकों में दिखाई दे रहा है, जिसके चलते लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हो गया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि ग्रामीणों ने शाम ढलते ही घरों से बाहर निकलना लगभग बंद कर दिया है और बच्चों को भी सुरक्षित घरों के भीतर ही रखने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यह लकड़बग्घा अचानक गांव के नजदीक आकर इधर-उधर घूमता रहता है और कई बार मवेशियों के पास भी पहुंच जाता है। कुछ लोगों ने बताया कि उसने पशुओं पर हमला करने की भी कोशिश की है, जिससे पशुपालकों में चिंता और बढ़ गई है। गांव के लोगों का मानना है कि जानवर का व्यवहार सामान्य नहीं है, इसलिए उन्हें आशंका है कि यह लकड़बग्घा बीमार या पागल हो सकता है।
लगातार दिखने की घटनाओं के बाद गांव में भय का माहौल बन गया है। महिलाएं और बुजुर्ग खास तौर पर डर के साए में हैं, जबकि किसान खेतों में काम करने भी समूह बनाकर जा रहे हैं ताकि किसी अनहोनी की स्थिति में एक-दूसरे की मदद कर सकें। शाम होते ही लोग अपने मवेशियों को भी सुरक्षित स्थानों पर बांध देते हैं।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की जानकारी वन विभाग को दे दी है और जल्द कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलते ही वन विभाग हरकत में आ गया है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। वन परिक्षेत्र अधिकारी रघुराज सिंह ने बताया कि विभाग की टीम को मौके पर भेज दिया गया है। टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है और लकड़बग्घे को पकड़ने या सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और क्षेत्र में फिर से सामान्य स्थिति बहाल हो सके।

