एमसीबी, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ में प्रारंभ होने जा रहे ह्यूमन पैपिलोमा वायरस ( HPV ) टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा विकासखंड भरतपुर के शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत किया गया। यह कार्यक्रम मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे तथा खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. रमन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
टीकाकरण का समझाया गया महत्व
कार्यक्रम में बीपीएम सुलेमान खान ने शिक्षकों को सर्वाइकल कैंसर की गंभीरता, इसके कारणों एवं बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि-सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। इसका मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) संक्रमण है। 14 वर्ष की बालिकाओं को लगाया जाने वाला HPV टीका संक्रमण से प्रभावी सुरक्षा प्रदान करता है। शासन द्वारा यह टीका निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
शिक्षकों की भूमिका अहम
उन्मुखीकरण के दौरान शिक्षकों को स्कूल स्तर पर जागरूकता अभियान संचालित करने की रणनीति बताई गई। उन्हें समझाया गया कि वे छात्राओं और अभिभावकों को टीके के लाभों से अवगत कराएं, भ्रांतियों का निराकरण करें, पात्र बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने में सहयोग करें। स्वास्थ्य विभाग ने शिक्षकों से अपील की कि वे शिक्षा और स्वास्थ्य के इस साझा मिशन में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि विकासखंड की प्रत्येक पात्र बालिका HPV संक्रमण से सुरक्षित हो सके। यह पहल न केवल बालिकाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एक सशक्त जन स्वास्थ्य अभियान सिद्ध होगी।

