एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में दिसंबर 2025 तिमाही की डीसीसी/डीएलआरसी बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, मनेन्द्रगढ़ में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने की। बैठक में Reserve Bank of India के एलडीओ श्री सत्येन्द्र राठौर, National Bank for Agriculture and Rural Development (नाबार्ड) के डीडीएम श्री हर्ष गौरव, जिले के सभी बैंकों के जिला समन्वयक एवं शासकीय योजनाओं से जुड़े विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। प्रारंभ में लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) श्री संजीव पाटिल ने अतिथियों का स्वागत किया।
बैंकिंग प्रगति की विस्तृत समीक्षा
बैठक में दिसंबर 2025 तिमाही तक की बैंकिंग उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई-सीडी रेशियो ( Credit&Deposit Ratio ), प्राथमिकता क्षेत्र ऋण ( Priority Sector Lending ) , शासकीय प्रायोजित योजनाओं की प्रगति, वार्षिक ऋण योजना (ACP), निष्क्रिय (Inoperative) एवं डीईएएफ खातों की स्थिति आदि। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने निर्देश दिए कि शासकीय योजनाओं के लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन बैंकों का सीडी रेशियो 40 प्रतिशत से कम है, वे इसमें सुधार हेतु ठोस एवं समयबद्ध कार्य योजना तैयार करें। 61,780.87 लाख की ऋण क्षमता निर्धारित
बैठक के दौरान नाबार्ड द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए एमसीबी जिले का संभाव्यतायुक्त ऋण योजना ( Potential Linked Credit Plan&PLP ) जारी किया गया। नाबार्ड के डीडीएम हर्ष गौरव ने जानकारी दी कि वर्ष 2026-27 के लिए प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत 61,780.87 लाख की ऋण क्षमता निर्धारित की गई है। यह राशि कृषि, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग तथा अन्य प्राथमिक क्षेत्रों के विकास को गति प्रदान करेगी। कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सभी बैंकों और विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। बैठक का संचालन एलडीएम संजीव पाटिल द्वारा किया गया। अंत में Central Bank of India मनेन्द्रगढ़ के मुख्य प्रबंधक आकाश कुमार ने आभार व्यक्त करते हुए सभी अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

