बिलासपुर, छत्तीसगढ़। नगर रतनपुर के लिए यह अत्यंत गौरव और गर्व का क्षण है। शिक्षक कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 4 की होनहार बेटी अपूर्वा मरकाम ने सिविल जज परीक्षा में सफलता प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में हर्ष और उत्साह का वातावरण है। सामाजिक, शैक्षणिक और नागरिक संगठनों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताते हुए अपूर्वा और उनके परिवार को शुभकामनाएं दी हैं।
अपूर्वा मरकाम स्वर्गीय फुल सिंह मरकाम, जो एक वरिष्ठ शिक्षक रहे, एवं श्रीमती प्रतिभा मरकाम, व्याख्याता, की सुपुत्री हैं। परिवार का शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और संस्कारों ने उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रारंभ से ही मेधावी और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध अपूर्वा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रतनपुर में ही पूर्ण की और हर स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
विधि क्षेत्र में उच्च शिक्षा के लिए अपूर्वा ने Hidayatullah National Law University, रायपुर में प्रवेश लिया। यहां से उन्होंने एलएलबी और एलएलएम की डिग्री उत्कृष्ट अंकों के साथ अर्जित की। विश्वविद्यालय में अध्ययन के दौरान उन्होंने विभिन्न विधिक गतिविधियों, मूट कोर्ट प्रतियोगिताओं और शैक्षणिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता निभाई। उनके शिक्षकों के अनुसार, अपूर्वा का अध्ययन के प्रति दृष्टिकोण हमेशा गंभीर, स्पष्ट और समर्पित रहा।
सिविल जज जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाना आसान नहीं होता। यह परीक्षा Chhattisgarh Public Service Commission द्वारा आयोजित की जाती है और राज्य की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में गिनी जाती है। अपूर्वा ने कठोर परिश्रम, अनुशासन और सुविचारित रणनीति के बल पर यह मुकाम हासिल किया।
अपनी सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए अपूर्वा ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे वर्षों की मेहनत, सही मार्गदर्शन और परिवार का अटूट नैतिक समर्थन रहा है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने दिवंगत पिता की प्रेरणा, माता के मार्गदर्शन और गुरुजनों के सहयोग को दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि तैयारी के दौरान कई चुनौतियाँ सामने आईं, लेकिन धैर्य, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ने उन्हें कभी हार मानने नहीं दी।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अपूर्वा का संदेश बेहद प्रेरक है। उनका कहना है, की जीवन में लक्ष्य स्पष्ट होना चाहिए। यदि हम पूरी ईमानदारी, धैर्य और समर्पण के साथ प्रयास करें, तो सफलता अवश्य मिलती है। कठिनाइयाँ जीवन का हिस्सा हैं, उनसे घबराने के बजाय सीख लेकर आगे बढ़ना चाहिए।

