कोरिया, बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल जिला कोरिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) सरगुजा की टीम ने बचरा–पोड़ी पुलिस चौकी में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई ने न केवल स्थानीय पुलिस महकमे में हलचल मचा दी है, बल्कि आम जनता में यह संदेश भी दिया है कि भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है।
मासूम की मौत से जुड़ा था मामला
जानकारी के अनुसार, कदम बहरा गांव में सत्येंद्र प्रजापति के पड़ोस में रहने वाले डेढ़ वर्षीय बच्चे की कुछ समय पूर्व गड्ढे में गिरने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद संबंधित मामला दर्ज किया गया। आरोप है कि इस प्रकरण में बचरा–पोड़ी चौकी प्रभारी सब-इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ ने सत्येंद्र प्रजापति को केस में फंसाने की धमकी दी। बताया जा रहा है कि केस से बचाने के नाम पर 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। दबाव और धमकी से परेशान होकर पीड़ित ने सरगुजा एसीबी कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई।
प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने गोपनीय तरीके से प्रारंभिक जांच की। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की तैयारी की।मंगलवार को एसीबी की टीम बचरा–पोड़ी पहुंची। शिकायतकर्ता को केमिकल लगे 25 हजार रुपये की पहली किस्त देकर चौकी के अंदर भेजा गया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने राशि चौकी प्रभारी को सौंपी और पूर्व निर्धारित संकेत दिया, एसीबी टीम ने तत्काल चौकी में प्रवेश कर सब-इंस्पेक्टर अब्दुल मुनाफ को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस संबंध में डीएसपी एसीबी सरगुजा प्रमोद कुमार खेस ने बताया कि पूरी कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत की गई और आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद की गई है।
एएसआई भी जांच के दायरे में
कार्रवाई के दौरान चौकी में पदस्थ एएसआई ध्रुव प्रसाद यादव को भी हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके आधार पर उन्हें भी मामले में आरोपी बनाया गया है। दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
इस घटना के बाद कोरिया पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। विभागीय स्तर पर भी मामले की समीक्षा शुरू कर दी गई है। वरिष्ठ अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनता के लिए महत्वपूर्ण संदेश
यह कार्रवाई उन नागरिकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है जो भ्रष्टाचार से परेशान होकर अक्सर चुप रह जाते हैं। एसीबी ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी अवैध रूप से धन की मांग करता है तो उसकी शिकायत सीधे एंटी करप्शन ब्यूरो में की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

