रायपुर। छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा के अष्टम सत्र में आज राज्यपाल रमन डेका ने एक प्रेरक, व्यापक और दूरदर्शी अभिभाषण देकर विकसित छत्तीसगढ़ की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की। विधानसभा पहुंचने पर उनका स्वागत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह तथा नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने किया। राज्यपाल ने राज्य स्थापना की रजत जयंती और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण को ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के सपनों का छत्तीसगढ़ अब अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाते हुए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।
राज्यपाल ने किसानों को प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि इस वर्ष 25 लाख से अधिक किसानों से 141 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी कर 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है। कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत होली से पहले 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की किसान हितैषी नीतियों का लाभ प्रदेश के लाखों किसानों को मिल रहा है। दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए अनुदान में वृद्धि, जैविक खेती के रकबे का विस्तार तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से कृषि अनुसंधान को नई दिशा मिल रही है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। नई डेयरी समितियों के गठन और दूध क्रय मूल्य में वृद्धि से दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ी है। मत्स्य उत्पादन में प्रदेश देश में छठवें स्थान पर पहुंच चुका है और वर्ष 2047 तक तीसरे स्थान पर पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पिछले दो वर्षों में 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता में वृद्धि और सैकड़ों नई परियोजनाओं की स्वीकृति से कृषि को स्थायी मजबूती मिल रही है।
महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष को ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 69 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता सीधे उनके खातों में दी जा रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत हजारों जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया गया है, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है।
नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि बीते दो वर्षों में बड़ी संख्या में माओवादी या तो मारे गए, गिरफ्तार हुए अथवा मुख्यधारा में लौटे हैं। नक्सल मुक्त क्षेत्रों में नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से सड़क, मोबाइल टॉवर, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। हजारों बच्चों और महिलाओं का टीकाकरण सुनिश्चित किया गया है तथा नई प्राथमिक शालाओं और उपस्वास्थ्य केंद्रों को स्वीकृति दी गई है।
जनजातीय उत्थान के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी बनकर उभरा है। लाखों व्यक्तिगत और सामुदायिक वनाधिकार पत्र वितरित किए गए हैं तथा तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य में वृद्धि कर संग्राहकों की आय बढ़ाई गई है। नवा रायपुर में शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय की स्थापना और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों से प्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिली है।
युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। नई औद्योगिक नीति के तहत बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति से नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में आयुष्मान योजना से लाखों परिवार लाभान्वित हुए हैं। सिकल सेल उन्मूलन के लिए मिशन मोड पर कार्य करते हुए प्रदेश देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। जशपुर, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा में पांच नए मेडिकल कॉलेजों की स्थापना से एमबीबीएस की 250 सीटों की वृद्धि हुई है और हिंदी माध्यम में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू किया जाना ऐतिहासिक कदम है। छह नए फिजियोथेरेपी कॉलेज और नौ नर्सिंग कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए हजारों पदों पर नियुक्तियां की गई हैं तथा भर्ती प्रक्रिया जारी है। स्कूली बच्चों के लिए नेत्र परीक्षण अभियान के तहत एक लाख से अधिक बच्चों को चश्मे वितरित किए गए हैं।
प्रदेश को मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस इंडस्ट्री का हब बनाने के लिए अधोसंरचना विकास पर विशेष बल दिया जा रहा है। 51 हजार करोड़ रुपये के रेलवे प्रोजेक्ट पर कार्य जारी है। जगदलपुर-रावघाट रेल मार्ग, केके रेल लाइन का दोहरीकरण, डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन की स्वीकृति और कोरबा-अंबिकापुर रेल लाइन का सर्वे कार्य विकास की नई संभावनाएं खोल रहे हैं। रायपुर-विशाखापट्टनम और रायपुर-धनबाद एक्सप्रेस-वे से प्रदेश की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलेगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हजारों किलोमीटर सड़कों को मंजूरी मिली है तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा योजना के माध्यम से 330 गांवों को पहली बार बस सुविधा उपलब्ध हुई है।
हवाई सेवाओं के विस्तार में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अंबिकापुर में मां महामाया एयरपोर्ट का शुभारंभ किया गया। रायपुर एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा शुरू होने से व्यापार को बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना के तहत नगरीय विकास को नई गति मिली है और स्वच्छता सर्वेक्षण में प्रदेश के शहरों की रैंकिंग में सुधार हुआ है।
ऊर्जा क्षेत्र में प्रदेश को पावर हाउस के रूप में विकसित करने का संकल्प दोहराते हुए राज्यपाल ने बताया कि एनर्जी समिट में लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। वर्ष 2025-26 में 15 लाख से अधिक बीपीएल परिवारों को 30 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का प्रावधान किया गया है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अतिरिक्त अनुदान दिया जा रहा है और एक लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने सोलर प्लांट के लिए पंजीयन कराया है।
सांस्कृतिक और साहित्यिक पहचान को सशक्त करने के लिए रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन किया गया तथा चित्रोत्पला फिल्म सिटी का निर्माण प्रदेश की छालीवुड इंडस्ट्री को आधुनिक आधार देगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। बस्तर के धुड़मारास को संयुक्त राष्ट्र पर्यटन संगठन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव के रूप में चुना जाना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। शक्तिपीठ कॉरिडोर, कोपरा जलाशय का रामसर साइट के रूप में चयन और स्वदेश दर्शन योजना के तहत भोरमदेव व मयाली का विकास पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है।
राज्यपाल ने अपने अभिभाषण के समापन में कहा कि ‘अंजोर विजन डॉक्यूमेंट’ वर्ष 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ की दीर्घकालिक विकास रणनीति का खाका है। सरकार जनता के फीडबैक के आधार पर नीतियां तैयार कर रही है, ताकि सामूहिक सहभागिता से छत्तीसगढ़ महतारी को समृद्ध, सशक्त और विकसित राज्य के रूप में स्थापित किया जा सके।

