कोरिया/पटना। जिले के पटना थाना में एसीबी की टीम ने एक बड़ी और चर्चित कार्रवाई को अंजाम देते हुए थाना में पदस्थ एएसआई (सहायक उप निरीक्षक) और पीएलवी (पैरालीगल वॉलंटियर) को 12 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शिकायतकर्ता की लिखित शिकायत पर की गई, जिसमें दोनों आरोपियों ने एक मामले में लाभ पहुंचाने के बदले अवैध रकम की मांग की थी। एसीबी ने सूझबूझ और रणनीति से जाल बिछाया और जैसे ही दोनों रिश्वत की रकम स्वीकार करने लगे, टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें पकड़ लिया। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है और थाना परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद पटना से बैकुंठपुर रेस्ट हाउस लाकर पूछताछ शुरू की है, जहां दस्तावेजी और जब्ती की कार्यवाही की जा रही है।
दोनों को जल्द ही न्यायालय में पेश किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, दोनों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) के तहत मामला दर्ज किया गया है जिसमें धारा 7 सार्वजनिक सेवक द्वारा अवैध लाभ मांगने या स्वीकार करने का अपराध, धारा 12 रिश्वत दिलाने या सहयोग करने का अपराध, और धारा 13(1)(d) सहपठित धारा 13(2) पद का दुरुपयोग कर अवैध लाभ प्राप्त करने का अपराध शामिल है। इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर सात से दस वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। कार्रवाई के दौरान एसीबी ने मौके से बारह हजार रुपए की रिश्वत राशि जब्त की और पूरे प्रकरण को गवाहों की मौजूदगी में दस्तावेजीकृत किया। इस कार्रवाई से स्थानीय प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि अब आरोपियों के खिलाफ निलंबन और विभागीय जांच की कार्यवाही भी की जा सकती है। वहीं आम जनता ने एसीबी की इस सटीक और साहसिक कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार पर सीधी चोट है और इससे प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी। एसीबी की टीम अब इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच में जुट गई है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य थानों में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई की संभावना है।

