Tuesday, March 3, 2026
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गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की महापंचायत अडसरा में संपन्न: रूंगटा कोल माइंस के विरोध में आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन

पसान/पोड़ी उपरोड़ा। ग्राम पंचायत अडसरा में गुलाब सिंह पोया की अध्यक्षता में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) की महापंचायत उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। यह महापंचायत क्षेत्र में प्रस्तावित रूंगटा कंपनी को आवंटित कोल खदान को निरस्त करने एवं किसानों को वन अधिकार पत्रक दिलाने की मांग को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन के समर्थन में आयोजित की गई।गौरतलब है कि पार्टी सुप्रीमो एवं पाली-तानाखार विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम के निर्देशानुसार गोंगपा ब्लॉक इकाई पसान द्वारा प्रभावित ग्राम बीजादांड में अनिश्चितकालीन धरना जारी है। इसी आंदोलन को जनसमर्थन देने के उद्देश्य से ब्लॉक इकाई द्वारा प्रभावित गांवों में महापंचायत आयोजित कर ग्रामीणों से संवाद का अभियान चलाया जा रहा है।2 मार्च को ग्राम पंचायत अडसरा में आयोजित महापंचायत में पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष दीनानाथ आयाम मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने रूंगटा कोल माइंस से संभावित पर्यावरणीय और सामाजिक दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि खनन गतिविधियों से क्षेत्र की जल, जंगल और जमीन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा तथा स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका और स्वास्थ्य पर भी संकट गहरा सकता है। चर्चा के दौरान साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) द्वारा संचालित दो खदानों से क्षेत्रवासियों को हो रहे नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। साथ ही ग्रामीणों को व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार के दावा फॉर्म भरने के लिए व्यापक मुहिम चलाने का संकल्प लिया गया।महापंचायत में ब्लॉक पदाधिकारी संतोष मरावी (सभापति, वन स्थायी समिति पोड़ी उपरोड़ा), शिव कुमार मसराम (ब्लॉक प्रचार-प्रसार मंत्री), संतोष मसराम (पंच), बृजलाल पंडो (संभागीय अध्यक्ष पंडो समाज), चैन सिंह नेती, रामशिला नेती, शशिकला श्याम, धन सिंह धनुहार (उपसरपंच), उमेन्द्र कारियम, राजेश कुसरो, रतन सिंह मरावी, चैन रिंग कुसरों, बाल कुमारी सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा और कोल खदान आवंटन निरस्तीकरण की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। ग्रामीणों ने एकजुट होकर जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।

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