रायपुर, छत्तीसगढ़। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत बेमेतरा जिले के ग्राम कंचरी के प्रगतिशील कृषक श्री मनोज साहू ने 0.5 हेक्टेयर भूमि में प्रथम बार रागी की खेती कर जिले में नवाचार किया है। परंपरागत फसलों से आगे बढ़ते हुए उन्होंने फसल विविधीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। श्री साहू ने अपनी फसल का पंजीयन बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत राज्य बीज निगम में कराया, जिससे उन्हें कृषि विभाग एवं बीज विशेषज्ञों का नियमित तकनीकी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। मृदा परीक्षण आधारित उर्वरक प्रबंधन, कतार पद्धति से बुवाई, संतुलित सिंचाई तथा समयबद्ध कीट एवं रोग नियंत्रण उपायों से फसल की वृद्धि संतोषजनक रही है।
रागी पोषक तत्वों से भरपूर मोटा अनाज है, जिसकी बाजार में बढ़ती मांग किसानों के लिए आय का बेहतर अवसर प्रदान कर रही है। बीज उत्पादन हेतु पंजीयन होने से सामान्य बाजार मूल्य की तुलना में अधिक दर प्राप्त होने की संभावना है, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। कृषि विभाग ने इसे जिले में वैज्ञानिक खेती एवं फसल विविधीकरण की दिशा में प्रेरक पहल बताया है।

