मनेंद्रगढ़। घुटरा क्षेत्र में इन दिनों ताश के 52 पत्तों का खेल खुलेआम सुर्खियों में है। सूत्रों के अनुसार इलाके में लंबे समय से जुए का बड़ा खेल संचालित हो रहा है, जहां प्रतिदिन लाखों रुपये के दांव लगाए जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि चकरी के माध्यम से खुलेआम दांव लगवाए जा रहे हैं और एक ही कट में हार-जीत का फैसला हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह सब कुछ बिना किसी भय या रोक-टोक के जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जुए का यह अड्डा दिन-ब-दिन और संगठित होता जा रहा है। देर रात तक चलने वाले इस खेल में आसपास के क्षेत्रों से भी लोग पहुंच रहे हैं। बड़ी रकम के लेन-देन की चर्चाओं ने पूरे इलाके का माहौल गरमा दिया है। आमजन के बीच यह सवाल तेजी से उठ रहा है कि आखिर इतनी खुली गतिविधि के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है।
लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो यह अवैध गतिविधि सामाजिक माहौल को बिगाड़ सकती है। युवाओं के इस खेल की ओर आकर्षित होने की भी आशंका जताई जा रही है, जिससे परिवारों और समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अब सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या संबंधित विभागों को इसकी जानकारी नहीं है या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। क्षेत्रवासियों की नजर अब जिम्मेदार अधिकारियों की ओर है। देखना यह होगा कि प्रशासन कब संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है या फिर घुटरा में 52 पत्तों का यह खेल यूँ ही बेखौफ चलता रहेगा।

