Thursday, February 5, 2026
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गणतंत्र दिवस समारोह में विभागीय झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र:आदिवासी विकास विभाग की झांकी को मिला प्रथम स्थान 

एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिले में आयोजित 77 वें गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर जिला स्तरीय मुख्य समारोह में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित भव्य, सुसज्जित एवं संदेशात्मक विभागीय झांकियां आमजन के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ स्थित आमाखेरवा ग्राउंड में आयोजित इस गरिमामय समारोह में बड़ी संख्या में नागरिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह की गरिमामय उपस्थिति रहे, जबकि कलेक्टर डी. राहुल वेंकट एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत झांकियों के माध्यम से शासन की विकासोन्मुखी नीतियों, समावेशी विकास की अवधारणा तथा सामाजिक सरोकारों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया। झांकियों में ग्रामीण विकास, पंचायत व्यवस्था, आदिवासी उत्थान, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, कृषि विकास एवं सामाजिक कल्याण से संबंधित योजनाओं एवं उपलब्धियों को सजीव, रचनात्मक एवं प्रतीकात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया। आकर्षक साज-सज्जा, जीवंत दृश्यों और संदेशात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से यह प्रदर्शित किया गया कि शासन की योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित की जा रही हैं।

झांकी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए आदिवासी विकास विभाग की झांकी को प्रथम स्थान प्रदान किया गया। गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में प्रस्तुत इस झांकी में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा के माध्यम से उनके जल, जंगल और जमीन की रक्षा के विचारों को सशक्त संदेश के रूप में दर्शाया गया। विभिन्न विभागों की झांकियों के मध्य आदिवासी विकास विभाग की यह प्रस्तुति अपनी सशक्त विषयवस्तु, प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति एवं भावनात्मक प्रभाव के कारण दर्शकों के साथ-साथ निर्णायकों का भी विशेष ध्यान आकर्षित करने में सफल रही।आदिवासी विकास विभाग की भगवान बिरसा मुंडा पर आधारित झांकी में 19वीं सदी के अंत में ब्रिटिश शासन एवं जमींदारी शोषण के विरुद्ध उनके साहसी ‘उलगुलान’ (महान क्रांति) आंदोलन को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया गया। झांकी के माध्यम से जल, जंगल और जमीन की रक्षा, आदिवासी गौरव, संस्कृति एवं परंपराओं को तीर-कमान जैसे प्रतीकों के साथ प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। विभाग प्रमुख सुश्री अंकिता मरकाम के नेतृत्व में कार्यालयीन कर्मचारी संदीप कुमार सिंह, अतुल गुप्ता, छात्रावास अधीक्षक आज्ञा प्रताप, दिनेश कुमार एवं कन्हैया लाल द्वारा झांकी निर्माण में महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान दिया गया। झांकी के माध्यम से आदिवासी समुदाय के सर्वांगीण विकास से जुड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका सशक्तिकरण एवं सांस्कृतिक संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया, जिसे उपस्थित दर्शकों एवं निर्णायकों द्वारा विशेष रूप से सराहा गया।

झांकी प्रतियोगिता में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (जिला पंचायत) की झांकी को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जिसमें ग्रामीण अधोसंरचना, आवास, स्वच्छता, रोजगार सृजन एवं आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग तथा कृषि विभाग की संयुक्त झांकी को तृतीय स्थान प्रदान किया गया, जिसमें महिला सशक्तिकरण, पोषण अभियान, बाल कल्याण एवं कृषि उन्नयन से संबंधित योजनाओं का सशक्त संदेश दिया गया।झांकी प्रतियोगिता के विजेता विभागों को मुख्य अतिथि द्वारा कलेक्टर डी. राहुल वेंकट एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती रत्ना सिंह की उपस्थिति में स्मृति-चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अतिथियों ने विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के रचनात्मक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की विभागीय झांकियां शासन की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने, जनजागरूकता बढ़ाने तथा जनभागीदारी को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम हैं।

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