बैकुंठपुर, छत्तीसगढ़। कोया पुनेम गोंडवाना महासभा के जिलाध्यक्ष एवं वरिष्ठ गोंडवाना नेता रमेश टेकाम ने कोरिया जिले के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण कर धान खरीदी व्यवस्था की जमीनी हकीकत सामने रखी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सीधे किसानों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और पाया कि इस वर्ष की धान खरीदी व्यवस्था पूरी तरह अव्यवस्थित बनी हुई है, जिसके चलते अन्नदाता भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। सबसे गंभीर समस्या टोकन व्यवस्था को लेकर सामने आई है, जहां किसानों को समय पर टोकन नहीं मिल सका और टोकन व्यवस्था बंद होने के बाद उन्हें बार-बार खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। निरीक्षण के दौरान यह भी उजागर हुआ कि धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक सूचनाओं का पूरी तरह अभाव है। शासन के नियमानुसार प्रति बोरी 40 किलो 700 ग्राम धान लिया जाना है, लेकिन इसकी जानकारी कहीं भी लिखित रूप में प्रदर्शित नहीं की गई है, जिससे किसानों में भ्रम और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इतना ही नहीं, खरीदी केंद्रों में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित केंद्र का प्रभारी या प्रबंधक कौन है और उससे संपर्क कैसे किया जा सकता है। जवाबदेही तय न होने के कारण किसानों की शिकायतें सुनने और उनका समाधान करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी नजर नहीं आ रहा है।
रमेश टेकाम ने हम्माली व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा हम्माली की व्यवस्था होने के बावजूद किसान स्वयं धान की हम्माली करने को मजबूर हैं। इसके बाद भी किसानों से प्रति बोरी 15 रुपये की राशि वसूली जा रही है, जो बेहद चिंताजनक है। उन्होंने सवाल किया कि जब हम्माली किसान खुद कर रहे हैं तो यह राशि आखिर किसके खाते में जा रही है। पूरे मामले को गंभीर बताते हुए रमेश टेकाम ने धान खरीदी व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो कोया पुनेम गोंडवाना महासभा किसानों के हित में आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।

