एमसीबी। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी “श्री रामलला दर्शन (अयोध्या धाम) योजना” के तहत मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से चयनित श्रद्धालुओं का दल आज असीम उत्साह और भक्ति भाव के साथ पवित्र अयोध्या धाम के लिए रवाना हुआ। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित यह जनकल्याणकारी योजना आम नागरिकों को भगवान श्रीराम के जन्मस्थल के दर्शन का अद्वितीय अवसर प्रदान कर रही है। जिले के नगर निगम, नगर पालिका एवं जनपद पंचायतों से प्राप्त नामों के आधार पर कुल 57 श्रद्धालुओं की सूची तैयार कर छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड को भेजी गई थी, जिनमें से 56 श्रद्धालु यात्रा के लिए निकले। जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ से श्रद्धालुओं की बस आज सुबह अंबिकापुर के लिए रवाना हुई, जहां से वे विशेष रेल यात्रा के माध्यम से अयोध्या धाम की ओर अग्रसर होंगे। 14 से 17 जनवरी 2026 तक प्रस्तावित इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के ठहरने, दर्शन, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सकीय सुविधाओं का संपूर्ण प्रबंधन शासन एवं प्रशासन द्वारा सुव्यवस्थित रूप से किया गया है, साथ ही एक एस्कॉर्ट अधिकारी को भी यात्रा दल के साथ तैनात किया गया है जो संपूर्ण यात्रा व्यवस्था का सतत पर्यवेक्षण करेंगे।
अयोध्या धाम के दर्शन का सौभाग्य, श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का उमंग
अयोध्या रवाना होते समय श्रद्धालुओं के चेहरों पर अपार खुशी और भावनात्मक श्रद्धा की झलक साफ दिखाई दी। “श्री रामलला दर्शन योजना” के माध्यम से अयोध्या जाने का अवसर मिलने पर श्रद्धालुओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। श्रद्धालुओं का कहना था कि यह यात्रा उनके जीवन का अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव साबित होगी, क्योंकि उन्हें भगवान श्रीराम के पावन दरबार में प्रत्यक्ष दर्शन का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। राम भक्ति के गीतों और जयघोषों से पूरा वातावरण आस्था, उत्साह और सांस्कृतिक उल्लास से सराबोर रहा।
आध्यात्मिक अनुभव से जुड़ेगा संस्कारों का संगम, योजना बनी जन-जन की आशा
राज्य शासन की इस योजना का उद्देश्य केवल यात्रा तक सीमित नहीं, बल्कि नागरिकों को अयोध्या धाम के दर्शन के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभूति, सांस्कृतिक मूल्यों और रामभक्ति की परंपरा से जोड़ना है। जिले से रवाना हुआ यह दल अब प्रभु श्रीराम की नगरी में भक्ति, आस्था और भारतीय संस्कारों से परिपूर्ण इस पावन यात्रा का साक्षी बनेगा। अयोध्या धाम में श्री रामलला के दिव्य दर्शन श्रद्धालुओं के जीवन में नई आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मक परिवर्तन का संचार करेंगे। इस योजना के माध्यम से सरकार ने धार्मिक पर्यटन के साथ सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो आम नागरिकों के हृदय में गहरी छाप छोड़ रहा है।

