Wednesday, January 14, 2026
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डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण से मिली बड़ी सफलता: यूजर चार्ज, प्रोत्साहन राशि और अपशिष्ट विक्रय से 8 लाख 50 हजार रुपये की अतिरिक्त आमदनी

एमसीबी, छत्तीसगढ़। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के दिशा-निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम के मार्गदर्शन में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की ग्राम पंचायतों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल तेजी से सफलता की नई कहानी लिख रहा है। ग्राम पंचायत सलका, सीरियाखोह, पिपरिया, चनवारीडांड, बुंदेली, पाराडोल, डोगरीटोला, हरचौका, लालपुर, शंकरगढ़, चैनपुर और खड़गवां में स्वच्छाग्राहियों द्वारा डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण और पृथक्करण से गांवों की तस्वीर बदल रही है। ग्राम पंचायतों के सहयोग और सतत निगरानी ने स्वच्छता अभियान को नई गति दी है। शहरों की तरह अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी ठोस अपशिष्ट संग्रहण और पृथक्करण की नियमित व्यवस्था विकसित हो चुकी है। चौक-चौराहों तथा सार्वजनिक स्थलों पर स्वच्छता साफ दिखाई देने लगी है। सप्ताह में दो से तीन दिन के अंतराल पर घर-घर से अपशिष्ट का व्यवस्थित संग्रहण किया जा रहा है।इस अभियान से एक ओर गांवों को गंदगी और दुर्गंध से मुक्ति मिल रही है, वहीं दूसरी ओर स्वच्छाग्राहियों के लिए स्थायी आजीविका का मार्ग भी तैयार हुआ है। यूजर चार्ज, प्रोत्साहन राशि और अपशिष्ट विक्रय के माध्यम से कुल 8,50,000 रुपये की अतिरिक्त आय अर्जित की गई है, जिससे जुड़े श्रमिकों का उत्साह भी बढ़ा है। सरपंच और सचिव की सक्रियता, रुचि और सतत निगरानी के कारण अभियान का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो रहा है। डोर-टू-डोर अपशिष्ट संग्रहण एवं पृथक्करण कार्य में ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका ने ग्रामीण क्षेत्रों को ओडीएफ प्लस मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। यह पहल न केवल स्वच्छता की दिशा में मजबूत कदम है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने का प्रेरक उदाहरण भी बन रही ।

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