Monday, January 12, 2026
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सफलता की कहानी: डबरी निर्माण से बदली जिंदगी, कमोद सिंह बने आत्मनिर्भर किसान

एमसीबी, छत्तीसगढ़। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के खड़गवां विकासखंड के ग्राम पंचायत कदरेवा में डबरी निर्माण कार्य ने ग्रामीण जीवन की दिशा और दशा दोनों बदल दी है। इसी गांव के किसान कमोद सिंह पिता देव सिंह ने डबरी निर्माण कर मछली पालन, गेहूं उत्पादन और सब्जी उत्पादन के माध्यम से अपनी दमदार पहचान बना ली है। पहले वर्षा पर निर्भर रहने वाली खेती आज लगातार सिंचाई सुविधा मिलने से लाभकारी व्यवसाय में बदल गई है और यह परिवर्तन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित ग्रामीण विकास और किसान कल्याण नीतियों का परिणाम है।डबरी से सिंचाई और मछली पालन कर बढ़ाई अपनी आय

डबरी निर्माण के बाद कमोद सिंह ने सबसे पहले मछली पालन की शुरुआत की। डबरी में संरक्षित जल का उपयोग कर उन्होंने मछली पालन को एक मजबूत आय के स्रोत में बदला। इसके साथ ही गेहूं उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले जहां सीमित सिंचाई के कारण उपज प्रभावित होती थी, वहीं अब पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से अधिक उत्पादकता संभव हो रही है। सब्जी उत्पादन ने उनकी आमदनी में और इजाफा कर दिया। अब उनके खेतों में हरी सब्जियों की लहलहाती फसलें न केवल परिवार की जरूरतें पूरी कर रही हैं बल्कि बाजार तक पहुंचकर आर्थिक मजबूती भी दे रही हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नीतियों से मिली नई दिशा

इस सफलता के पीछे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की किसानों के प्रति संवेदनशील सोच और जमीनी कार्य योजनाओं की अहम भूमिका रही है। राज्य सरकार द्वारा डबरी निर्माण, सिंचाई विस्तार, मत्स्य पालन प्रोत्साहन, इनपुट सब्सिडी और तकनीकी मार्गदर्शन जैसी योजनाओं ने ग्रामीण किसानों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान किए हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने, किसानों की आय दोगुनी करने और युवाओं को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों की ओर प्रेरित करने का व्यापक अभियान चल रहा है, जिसका जीवंत उदाहरण ग्राम पंचायत कदरेवा के कमोद सिंह हैं।आत्मनिर्भर किसान बने प्रेरणास्रोत

आज कमोद सिंह न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत भी बन गए हैं। उनके प्रयासों से यह संदेश स्पष्ट हुआ है कि यदि शासन की योजनाओं का सही उपयोग किया जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना बिल्कुल संभव है। डबरी निर्माण, मछली पालन, गेहूं उत्पादन और सब्जी उत्पादन का यह समन्वित मॉडल आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में किसानों के सपनों को पंख मिल रहे हैं, गांव समृद्धि की ओर बढ़ रहे हैं और कृषि पुनः सम्मान और रोजगार का मजबूत माध्यम बन रही है। ग्राम पंचायत कदरेवा के कमोद सिंह की यह सफलता कहानी साबित करती है कि सही नीति, सच्चा परिश्रम और मजबूत संकल्प मिलकर जीवन बदलने की ताकत रखते हैं।

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