Monday, January 12, 2026
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जिले में रचा गया इतिहास: बाल मधुमेह पीड़ित बच्चों के लिए पहली बार रोगी सहायता समूह हुआ बैठक 

एमसीबी। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी के गृह जिले मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में आज टाइप-1 डायबिटीज (बाल मधुमेह) से पीड़ित बच्चों और उनके परिजनों के लिए पहली बार रोगी सहायता समूह बैठक का आयोजन किया गया। यह ऐतिहासिक और संवेदनशील पहल कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। कार्यक्रम का आयोजन राज्य एनसीडी सेल, जिला स्वास्थ्य समिति एमसीबी, यूनिसेफ छत्तीसगढ़ एवं एकम फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से किया गया। इस विशेष बैठक का उद्देश्य टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहे बच्चों एवं उनके परिवारों को सही चिकित्सकीय जानकारी, भावनात्मक संबल, उपचार प्रबंधन तथा दैनिक जीवन में आवश्यक देखभाल से जुड़ा व्यावहारिक मार्गदर्शन प्रदान करना था। कार्यक्रम में महापौर राम नरेश राय, बड़ा बाजार पार्षद मनीष खटीक, हल्दीबाड़ी पार्षद श्रीमती बॉबी कोर्राम एवं शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि डॉ. डी. के. उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि टाइप-1 डायबिटीज एक चुनौती जरूर है, लेकिन यह बच्चों के जीवन की दिशा तय नहीं कर सकती। सही जानकारी, नियमित उपचार और सकारात्मक सोच के साथ बच्चे न केवल स्वस्थ जीवन जी सकते हैं बल्कि अपने सपनों को भी साकार कर सकते हैं। उन्होंने परिजनों से बच्चों के प्रति सहयोग, धैर्य और आत्मविश्वास बनाए रखने का आह्वान किया। महापौर राम नरेश राय ने बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन की किसी भी चुनौती से घबराने की जरूरत नहीं है। स्वास्थ्य के प्रति सजग रहकर, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि समाज और प्रशासन हर कदम पर इन बच्चों के साथ खड़ा है।

कार्यक्रम में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक तिवारी ने टाइप-1 डायबिटीज के कारण, लक्षण, इंसुलिन प्रबंधन, बच्चों के संतुलित आहार, स्कूल में देखभाल तथा दैनिक जीवन में आवश्यक सावधानियों पर सरल और विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान बच्चों और परिजनों के बीच संवाद आधारित चर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें परिवारों ने अपने अनुभव, चुनौतियाँ और सफलताएँ साझा कीं। इन अनुभवों ने अन्य परिवारों को आत्मविश्वास दिया और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत किया। भारत में टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है और विशेषज्ञों के अनुसार देश उन देशों में शामिल है जहाँ इस बीमारी के नए मामलों में तेजी देखी जा रही है। जानकारी की कमी, उपचार में अनियमितता और भावनात्मक दबाव के कारण कई बच्चों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में एमसीबी जिले में आयोजित यह रोगी सहायता समूह बैठक बच्चों और उनके परिवारों के लिए आशा, जागरूकता और सुरक्षा का मजबूत आधार बनी है।

कार्यक्रम के दौरान मरीजों के प्रेरणादायक अनुभव, विशेषज्ञों द्वारा बताए गए सरल और व्यवहारिक समाधान तथा आपसी संवाद ने बच्चों और परिजनों को मानसिक रूप से सशक्त किया। कार्यक्रम के अंत में प्राप्त फीडबैक में अधिकांश परिवारों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए भविष्य में इसे नियमित रूप से आयोजित करने की मांग की। साथ ही बैठक के दौरान कई परिवारों की व्यक्तिगत समस्याओं का समाधान भी किया गया।

इस रोगी सहायता समूह बैठक में जिले के कुल 25 टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे एवं उनके परिजन शामिल हुए। कार्यक्रम में जिला अस्पताल से डॉ. राजेंद्र राय, गैर संचारी रोग की जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती, डॉ. वासिक, डॉ. अतीक कुमार सोनी, अवनीश पांडेय, अस्पताल सलाहकार वीरेंद्र साव सहित स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम उपस्थित रही। यह कार्यक्रम यूनिसेफ स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में उनकी टीम की सक्रिय सहभागिता से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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