मध्यप्रदेश! सतपुड़ा पर्वत श्रृंखला की हरियाली में बसे पावन स्थल नागठाना मालेगांव (रवाला) तहसील प्रभात पट्टन जिला बैतूल मध्यप्रदेश में 20 एवं 21 जनवरी 2026 को 21वाँ फड़ापेन सेवा पेनठाना महोत्सव भव्य और ऐतिहासिक रूप से आयोजित किया जा रहा है। मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित यह पुण्यभूमि वर्षों से कोयतुर गोंड़वाना समाज की आस्था सांस्कृतिक चेतना संघर्ष और एकता का केंद्र रही है। इस दो दिवसीय महासम्मेलन में हजारों की संख्या में आदिवासी समाजजन एकत्र होकर अपनी परंपरा संस्कृति इतिहास और स्वाभिमान की विरासत को जीवंत करेंगे।
चलो नागठाना का हुंकार और एक तीर एक कमान का संकल्प
इस वर्ष आयोजन का मूल नारा “चलो नागठाना” तथा “एक तीर एक कमान सभी ट्राईब एक समान” रखा गया है। यह नारा कोयतुर गोंड़वाना समाज को सामाजिक राजनीतिक और सांस्कृतिक स्तर पर एकजुट होने का सशक्त संदेश देता है। कोयावंशी गोंड़ीयन नेंग रीति रिवाज कोयापुनेम मांदी और पारंपरिक जीवन मूल्यों के संरक्षण और पुनर्स्थापना के लिए यह महोत्सव एक ऐतिहासिक मंच के रूप में उभर रहा है।
आस्था इतिहास और संघर्ष से सजे दो दिवसीय अनुष्ठान
20 जनवरी 2026 को सुबह 7 बजे से नागठाना की पावनभूमि पर नार्गोंगो जंगो रयताद पेनठाना के अंतर्गत पारंपरिक पूजा सेवा भूमकाड और सामूहिक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। 21 जनवरी को सुबह 10 बजे से गडपति संग्राम याहा जन्म नेटी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा जिसमें आदिवासी इतिहास स्वतंत्रता संघर्ष सामाजिक चेतना और अधिकारों से जुड़े विचार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी जो समाज को अपनी जड़ों से जोड़ेंगी।
राजनीतिक सामाजिक और कोयतूर नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक आयोजन में विधायक पाली तानाखार विधानसभा तिरुमाल तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम, जनपद पंचायत प्रभात पट्टन की अध्यक्ष तिरुमयाय सोनाली विनोद इडपाचे, गोंगपा इंडिया युवा मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य कांकेर तिरुमाल हेमलाल मरकाम, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामटेक नागपुर तिरुमाल हरिश उईके, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी जिला अध्यक्ष अमरावती तिरुमाल मनोहरराव चैतूजी धुर्वे तथा प्रधान ट्राईबल समान महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष तिरुमाय संजू सुरेश सय्याम की गरिमामयी उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित होगा।
कोयतुर अस्मिता के रक्षक होंगे सम्मानित
कोयतुर नेंग रीति रिवाज कोयापुनेम मंदी वेहतन वाले ह्युड। तेन लायसो गोंडवाना कोयातोड़ कोयावंशी सगा सोयराळ सेवा जोहार किस कून निवता स्यातोळोम कि इनात सबेय गन गोत नागाठाना ते वासिकुन वरतोळा मांदी केंजकीट इताल मावा निवता मंदा। कोयतुर समाज की प्राचीन परंपरा संस्कृति और गोंडी अस्मिता को सहेजने के उद्देश्य से इस महोत्सव में गोंडवाना क्षेत्र के प्रतिष्ठित सेवाकर्मी कलाकार साहित्यकार शिक्षाविद खिलाड़ी और सामाजिक कार्यकर्ताओं को ससम्मान आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर सेवाकर्मी किकोम के रूप में तिरुमाल वजीर गोरकू कवडेती मालेगांव मध्यप्रदेश, तिरुमाल बुद्धम राजवंती विक्रमसिंह सय्याम कोयतूर ट्राइबल थिएटर संरक्षक अभिनेता रंगकर्मी छालीवुड सरगुजा छत्तीसगढ़, तिरुमाल विवेक सरोज नंदराम डेहरिया संपादक दैनिक गोंडवाना समय सिवनी मध्यप्रदेश, तिरुमाय लक्ष्मी भारत रत्न भूसारे शिक्षिका प्रभात पट्टन मध्यप्रदेश, तिरुमाय बबली कुमरे गोंडी पूनेम कर्ता बैतूल मध्यप्रदेश तथा कुवासी कल्याणी अंजनी गजानन्द कोडोपे अंतरराष्ट्रीय श्रीलंका थाईलैंड कराटे रजत पदक विजेता खिलाड़ी पाबल बैतूल मध्यप्रदेश को विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा।
गोंडी लोकसंगीत और नागठाना वयतोड़ की सांस्कृतिक छटा
नागठाणा वयतोड़ गोदवना पाटा वारेड के अंतर्गत तिरुमाल सुरेश वलादे गोंडी गायक यवतमाल, तिरुमाल लखमी नवडेती गोंडी गायक बैतूल मध्यप्रदेश, तिरुमाल नामदेव उईके गोंडी गायक मेलघाट अमरावती महाराष्ट्र, तिरुमल रामस्वरूप उइके गोंडी गायक सिवनी मध्यप्रदेश, तिरुमाल मेघराज गोंडी गायक तेलंगाना, तिरुमाल रवि मसराम गोंडी गायक तेलंगाना, तिरुमाल अजय मसराम नागपुर, तिरुमाल बसंत कवडे बैतूल, तिरुमाल रामकुमार धूर्वे घंसौर सिवनी, तिरुमाल गोरकुजी कवडेती फडापेन सेवा, गाँगो पावनभूमी जमीन दानदाता मालेगांव मध्यप्रदेश तथा तिरुमाल पर्वतसिंह कंगाले नागठाना गोंदोला मुखियाल शंभुसेकगड़ सोमगड़ बैतूल मध्यप्रदेश को सम्मानित किया जाएगा ।
गोंडी ढोल नगाड़ों की गूंज से जीवंत होगा नागठाना
महोत्सव के दौरान गोंडी ढोल नेकसेड और लोकसंस्कृति की विशेष प्रस्तुतियों में तिरुमाल कमलेश सिरसाम, तिरुमाल बिरु तुमडाम, तिरुमाल सुरज उईके, तिरुमाल रामकुमार धुर्वे घंसौर तथा तिरुमाल विलास तुमडाम पारंपरिक ढोल नगाड़ों की गूंज से नागठाना की धरती को गोंड़वाना चेतना से ओतप्रोत करेंगे।
धरती आबा बिरसा मुंडा के विचारों से प्रेरित आयोजन
इस संपूर्ण ऐतिहासिक आयोजन का संचालन धरती आबा महामानव क्रांतिसूर्य बिरसा मुंडा कोयतुर कल्याण समिति नाथाना खाला मालेगांव द्वारा किया जा रहा है । समिति द्वारा आयोजित यह महोत्सव केवल एक धार्मिक या सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं बल्कि कोयतुर गोंड़वाना समाज के स्वाभिमान अधिकार और एकता का सामूहिक आंदोलन है।
चलो नागठाना कोयतूर एकता का महाशंखनाद
नागठाना महोत्सव के माध्यम से कोयतुर समाज की सांस्कृतिक चेतना गोंडी भाषा लोकसंगीत ढोल वादन और सामाजिक एकता को सशक्त करने का संदेश दिया जाएगा तथा कोयापुनेम की परंपरा को भावी पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लिया जाएगा। आयोजन समिति ने देशभर के कोयतुर समाजजनों से “चलो नागठाना” के आह्वान के साथ इस ऐतिहासिक महासम्मेलन में सहभागी बनकर कोयतूर स्वाभिमान संस्कृति और एकता के इस महापर्व को सफल बनाने की अपील की है।

