Monday, January 12, 2026
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कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की सख्त प्रशासनिक समीक्षा, वर्चुअल बैठक में जिले के विकास, सुशासन और जनकल्याण कार्यों की गहन पड़ताल

एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिला कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय से वर्चुअल माध्यम से जिले के समस्त विभागों की व्यापक और गहन समीक्षा बैठक ली। बैठक का उद्देश्य जिले में चल रही शासकीय योजनाओं, विकास कार्यों, लंबित प्रकरणों और जन शिकायतों के समयबद्ध निराकरण को सुनिश्चित करना रहा। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में कलेक्टर ने डाक सेटअप से संबंधित नियमित विभागीय बैठकें अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डबल चार्ज वाले अधिकारियों की स्पष्ट मैपिंग करने, कार्य विभाजन को सुव्यवस्थित करने तथा विभागीय जांच से जुड़े सभी प्रकरणों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। आधार बेस्ड उपस्थिति की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी कार्यालयों में शत-प्रतिशत अनुपालन के निर्देश दिए, साथ ही कुल उपस्थिति रिपोर्ट को नियमित रूप से कलेक्टर कार्यालय को भेजने के लिए कहा।

कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में लंबित प्रकरणों की स्थिति की समीक्षा करते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। हाईकोर्ट से संबंधित मामलों, उप पंजीयक कार्यालय खड़गवां के पंजीयन प्रकरणों, चिरमिरी स्थित सांस्कृतिक भवन और न्यायालयीन भूमि से जुड़े स्टे प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसके अलावा उद्यानिकी विभाग की डगौरा भूमि, जल संसाधन विभाग के अंतर्गत इंडोर स्टेडियम, बैलगाड़ी परियोजना, अस्थायी नर्सिंग कॉलेज चिरमिरी तथा आयुष विभाग के अंतर्गत कमर्जी, बड़गांवकला और बहरासी क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा की गई। परिवहन विभाग को निर्देश दिए गए कि जिले में बस सेवा को सुचारू और सुलभ बनाने के लिए रूट चार्ट से संबंधित प्रस्ताव लगातार शासन को भेजे जाएं ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके। समितियों के लिए भूमि चिन्हांकन, रतनपुर और सिंघत क्षेत्र में प्रस्तावित कार्यों की भी समीक्षा की गई। पीएम किसान सम्मान निधि, डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्य, पीडब्लूडी और नगर निगम चिरमिरी के अंतर्गत निर्माण कार्यों, तहसील और नायब तहसील कार्यालयों के शेड निर्माण, एमसीबी शेड, कुँवारपुर नायब तहसील कार्यालय, पीएमजीएसवाई के तहत कुँवारपुर से गाजा एवं चौनपुर-बड़काबहरा से हरकाटनपारा सड़क कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

बैठक में एसईसीएल चिरमिरी के विश्राम भवन, नई लेदरी और खोंगापानी क्षेत्रों में प्रस्तावित विकास कार्यों पर भी चर्चा हुई। वर्ष 2023 के बाद प्रस्तावित 482 एकड़ भूमि पर एडवेंचर पार्क, मेडिकल कॉलेज स्थापना जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य तेज करने के निर्देश दिए। पीएम आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत आवास, दावा-आपत्ति प्रकरण, खोंगापानी, झगराखंड और नई लेदरी क्षेत्रों की प्रगति की जानकारी भी ली गई। आधार अपडेटेशन को लेकर कलेक्टर ने विशेष कार्य योजना की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सुशासन सप्ताह के दौरान आयोजित शिविरों में आधार सुधार, राशन, पेंशन और अन्य जन शिकायतों का मौके पर ही निराकरण किया जाए। सभी शिकायतों और मांगों की जानकारी अनिवार्य रूप से राज्य पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए। राजस्व विभाग के अंतर्गत धारा 145 और 133 के प्रकरणों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने इनके आदेशों की प्रतियां पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत मिशन वात्सल्य, भवन विहीन परियोजनाएं, जनकपुर में सिलाई मशीन वितरण, श्रम विभाग के प्रशिक्षण बैच, इलेक्ट्रिशियन प्रशिक्षण एवं अटल परिसर उद्घाटन की प्रगति की समीक्षा की गई। स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो स्थानों पर प्लास्टिक यूनिट स्थापना, खोंगापानी और झगराखंड नगर निकायों में कचरा कलेक्शन की प्रक्रिया, अमृतधारा, सीतापुर सहित अन्य क्षेत्रों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, 97 गांवों से जुड़े बैंकिंग कार्य, मेंटल हॉस्पिटल और डीपीआरसी से संबंधित बिंदुओं की भी समीक्षा की गई। बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से जुड़े विषयों पर भी विशेष फोकस रहा। ग्रामीण रोजगार प्रशिक्षण संस्थान आरसेटी, मुख्य शिक्षा गुणवत्ता योजना, स्कूल परिसरों में विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों पर 1 जनवरी 2026 से प्रतिबंध के निर्देश, बहुउद्देशीय केंद्र, पक्के घरों का प्रावधान, संपर्क सड़कें, 55 अन्य सड़कें, कुल 709 सड़कों की प्रगति, मोबाइल मेडिकल यूनिट, पीवीजीटी छात्रावास उमरवां, पाइपलाइन से जल आपूर्ति, आंगनबाड़ी केंद्र, पीडीएस दुकानों और जनजातीय गांवों के एक्शन प्लान की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि जिले के 151 गांवों के लिए एक्शन प्लान तैयार किया गया है और महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा पंचायत स्तर पर प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला सीईओ द्वारा आदि कर्म योगी योजना के अंतर्गत जिले के 15 गांवों में किए गए कार्यों की रिपोर्ट शीघ्र तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए। बैठक के अंत में कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने सभी विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में सुशासन त्योहार को प्रभावी बनाते हुए हर शिकायत, हर मांग और हर योजना का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि उसका वास्तविक लाभ आम नागरिक तक पहुंचाना है और इसके लिए सभी अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करना होगा।

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