एमसीबी। छत्तीसगढ़ में ठंड बढ़ने के साथ ही शीतलहर का खतरा बढ़ गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन ने सभी विभागों को व्यापक तैयारियां सुनिश्चित करने और जनता को जागरूक करने के निर्देश जारी किए हैं। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को प्राप्त पत्र के आधार पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य, जिला, तहसील और गांव स्तर पर विशेष अभियान चलाया जाएगा। पंचायत भवनों में शीतलहर से बचाव के उपायों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा और प्राथमिक उपचार बॉक्स की अनिवार्य रूप से उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की विशेष तैयारी
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों को आधार बनाकर प्रत्येक जिले में स्थानीय शीतलहर प्रबंधन कार्ययोजना तैयार की जाएगी। राज्य, जिला और तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित होंगे और शीतलहर से जुड़ी बीमारियों व खतरे से बचाव की जानकारी नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी जाएगी। होर्डिंग, केबल टीवी, सोशल मीडिया और एफएम चौनलों से व्यापक प्रचार-प्रसार होगा।
मौसम विज्ञान केंद्र रायपुर की भूमिका
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी शीतलहर चेतावनी, न्यूनतम तापमान और मौसम बुलेटिन को सभी विभागों और जिलों तक नियमित रूप से भेजा जाएगा। इसके आधार पर आगे की आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित होगी।
नगरीय प्रशासन विभाग की व्यवस्था
आश्रय स्थलों और रैन बसेरों में बिजली, भोजन, पानी और चिकित्सा जैसी बुनियादी सेवाएं उपलब्ध रहेंगी। बेघर और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थलों में पहुंचाया जाएगा। सभी चिन्हित स्थलों पर प्राथमिक उपचार बॉक्स रखा जाएगा और स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से वालंटियर भी तैनात किए जा सकेंगे। “शीतलहर से बचाव” से संबंधित बैनर भी लगाए जाएंगे।
स्कूल शिक्षा विभाग में बच्चों की सुरक्षा पर फोकस
आईएमडी की चेतावनी को देखते हुए स्कूलों के खुलने के समय में बदलाव किया जा सकेगा। कक्षाओं को गर्म रखने की व्यवस्था अनिवार्य होगी। प्राथमिक उपचार बॉक्स, आपातकालीन संपर्क नंबर, अस्पताल ले जाने हेतु वाहन और जिम्मेदार शिक्षक का नाम विद्यालयों में दर्ज रहेगा। विद्यालयों में शीतलहर से बचाव के सुझावों वाले बैनर लगाए जाएंगे और शिक्षक बच्चों को इनसे संबंधित निर्देश देंगे।
लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की स्वास्थ्य सुरक्षा योजना
सभी अस्पतालों में शीतलहर ग्रसित व्यक्तियों के इलाज हेतु विशेष योजना तैयार की जाएगी। स्वास्थ्य कर्मियों को समय पर चेतावनी और दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। अस्पतालों में दवाइयों का पर्याप्त भंडारण, विशेषकर ठंड से संबंधित उपचार हेतु जरूरी दवाएं, उपलब्ध रहेंगी। जिला अस्पताल और सिविल अस्पताल में आवश्यकता अनुसार पृथक वार्ड बनाए जाएंगे। कमजोर बच्चों, दिव्यांगों, महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष देखभाल की व्यवस्था होगी।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ा दायित्व
पंचायत भवनों में शीतलहर से बचाव संबंधी उपायों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। प्राथमिक उपचार बॉक्स की पर्याप्त उपलब्धता और उसकी सही जगह पर स्थापना अनिवार्य रहेगी ताकि आपात स्थिति में तत्काल उपयोग हो सके।
श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों की सुरक्षा
औद्योगिक और अन्य क्षेत्रों के कामगारों को शीतलहर से बचने के उपायों की जानकारी दी जाएगी। आवश्यकतानुसार कार्य समय में बदलाव के निर्देश जारी होंगे ताकि श्रमिकों को ठंड में काम से राहत मिल सके।
लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी
सड़कों के किनारे पाए जाने वाले बेघर और प्रभावित लोगों को आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
समाज कल्याण विभाग की विशेष निगरानी
जहां भिक्षुक, कमजोर एवं निःशक्तजन अधिक संख्या में रहते हैं, वहां रैन बसेरा और आश्रय व्यवस्था की जाएगी। शीतलहर से प्रभावित व्यक्तियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था रहेगी।
पर्यटन विभाग द्वारा महत्वपूर्ण स्थलों पर अलर्ट
प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर IMD द्वारा जारी शीतलहर चेतावनी प्रदर्शित की जाएगी ताकि पर्यटक भी सतर्क रहें।
परिवहन विभाग का जिम्मा
बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों में फर्स्ट ऐड बॉक्स और आवश्यक चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। घने कोहरे और न्यूनतम तापमान की स्थिति में जिला प्रशासन से विचार-विमर्श कर सार्वजनिक परिवहन के समय में बदलाव किया जा सकेगा।
पशु पालन विभाग द्वारा पशुधन की सुरक्षा
ठंड में ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ने के कारण पशुओं के लिए पर्याप्त दवाई और चारा का भंडारण होगा। पशु आवास को हवा से बचाने, उच्च गुणवत्ता वाले चारा, धूप की उपलब्धता और रात में सूखा भूसा बिछाने की व्यवस्था की जाएगी। पालतू पशुओं को भवनों के अंदर रखकर कम्बल से ढकने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस की सतर्कता
घने कोहरे में यातायात प्रबंधन, अग्रिम सुरक्षा उपाय और रैन बसेरा स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
कृषि विभाग द्वारा किसानों के लिए उपाय
फसलों को शीत-घात से बचाने हेतु पौधों के तने के पास प्लास्टिक या घास से ढंकने, खेतों में धुआं करने और कृषि कार्यक्रमों में किसानों को शीतलहर से बचाव संबंधी प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए हैं।
जनसम्पर्क विभाग का व्यापक प्रचार अभियान
प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से राज्यभर में जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि लोग शीतलहर से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपना सकें।
ऊर्जा विभाग की तैयारी
बिजली संयंत्रों में रख-रखाव को समय पर पूरा कर पावर कट की स्थितियों को रोकने की तैयारी की जाएगी ताकि ठंड के मौसम में जनता को कोई असुविधा न हो। यह राज्यव्यापी तैयारी शीतलहर से जन-जीवन को बचाने, स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और सभी संवेदनशील समूहों को सुरक्षित रखने की दिशा में शासन की प्रमुख पहल है ।

