Sunday, January 11, 2026
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जिले में अमानक उर्वरक पर लगा प्रतिबंध, किसानों की सुरक्षा के लिए प्रशासन की सख्त कार्रवाई

एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिले में उर्वरकों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है पंजीयन प्राधिकारी उर्वरक एवं उप संचालक कृषि श्री इन्द्रासन सिंह पैंकरा ने उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खण्ड 26(1)(ड) में प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बड़ा निर्णय लिया है उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण प्रयोगशाला जोरा कृषक नगर रायपुर से प्राप्त विश्लेषण रिपोर्ट पत्र क्रमांक Tech/Fer Result/2025-26/1277 Raipur दिनांक 24.09.2025 के अनुसार लिया गया नमूना अमानक पाया गया जिसके परिणामस्वरूप संबंधित बैच के भंडारण और वितरण पर जिले में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया है जानकारी के अनुसार Zn-एसएसपी (पी) उर्वरक कंपनी मध्य भारत एग्री प्रोडक्ट्स लिमिटेड सागर मप्र के नमूना कोड KHD-F2-11 का नमूना 06.08.2025 को लिया गया था 30 टन के इस उर्वरक स्कंध की प्रयोगशाला जांच में निर्धारित मानकों के विपरीत संरचना पाई गई जिसमें Moisture 12.0 Zn 0.5 Available P2O5 16.0 W/S P2O5 14.5 Free Phosphoric Acid 4.0 Sulphur 11.0 होना चाहिए था जबकि विश्लेषण में Moisture 5.68 Zn 0.52 Available P2O5 12.26 W/S P2O5 10.19 Free Phosphoric Acid 6.03 तथा Sulphur 11.02 पाया गया निर्धारित मानकों से बड़े स्तर पर विचलन पाए जाने के कारण इस उर्वरक को अमानक घोषित किया गया और उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के खण्ड 19(1) के अंतर्गत जिले में संपूर्ण भंडारण तथा वितरण पर कड़ी रोक लगा दी गई है कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस बैच से संबंधित उर्वरक का उपयोग न करें और यदि कहीं इसका भंडारण या बिक्री मिलती है तो तुरंत विभागीय अधिकारियों को सूचित करें प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों व फसल संरक्षण के लिए गुणवत्ता जांच अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा ।

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