लोरमी, छत्तीसगढ़! जनपद पंचायत लोरमी के ग्राम पंचायत झिरिया से निलंबित पंचायत सचिव तातूराम कौशिक जो कि ग्राम पंचायत झिरिया में सचिव के पद पर पदस्थ थे जिसको श्रीमान कुंदन कुमार जिला कलेक्टर जी के द्वारा पीएम जनमन के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना मैं विशेष रूप से प्रगति लाने के लिए निर्देश दिया गया था उसी क्रम में जनपद पंचायत सीईओ के द्वारा भी पीएम आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की गई जिसमें ग्राम पंचायत झिरिया की प्रगति संतोषजनक नहीं पाया गया झरिया के पंचायत सचिव पीएम आवास के कार्यों में लापरवाही पूर्वक कार्य में रुचि नहीं रखते थे एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों का अवहेलना करते थे जिसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा अनुशासन एवं अपील के नियम के अंतर्गत पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
जिसको लेकर पूर्व सरपंच नरेश तिलगाम एवं वर्तमान सरपंच चंदर सिंह तिलगाम एवं दो चार लोगों के द्वारा पुनः बहाल करने को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया था जिसमें इन लोगों के द्वारा ग्राम के ग्रामीण को यह झूठ बोलकर फर्जी हस्ताक्षर करवाए हैं कि अगर सचिव को दोबारा नहीं लाओगे तो तुम लोगों का आवास नहीं आयेगा तुम लोगों का राशन कार्ड नहीं बनेगा एवं पंचायत संबधित कोई भी कार्य नहीं हो पाएगा करके दबाव बनाकर सरपंच के द्वारा 26 अगस्त को आवेदन पत्र दिया गया था।
जबकि वहां के पंचों का मानना है कि पंचायत सचिव तातूराम कौशिक हमारे पंचायत में लगभग 20-25 वर्षों से पदस्थ थे और पंचायत की जनता उससे ऊब गए थे और लापरवाही पूर्वक कार्य करते थे जिससे ग्रामवासी परेशान थे जिसे इसी कारण से निलंबत किया गया, निलंबित सचिव को दोबारा हमारे पंचायत में पदस्थापना ना करने को लेकर एसडीएम लोरमी को ज्ञापन सौंपा गया है।
इस अवसर पर संजय कुमार मरावी पंच, रवीना बाई बैगा पंच, सुखमति बैगा पंच, बजकरी बैगा, नीरज मरावी, रायसिंह बैगा, धानसिंह बैगा,छन्नू मरावी, चैतराम बैगा, पंचराम मरकाम, अंतराम चेचाम, रामफल मरावी, भगवान सिंह मरकाम सहित अन्य लोग भी शामिल थे।