Friday, March 13, 2026
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सफलता की कहानी: छोटे कदम से बड़ा बदलाव: महतारी वंदन योजना से आत्मनिर्भर बनीं राजेश्वरी परस्ते

एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिले के भरतपुर विकासखंड के छोटे से गांव की रहने वाली राजेश्वरी परस्ते ने यह साबित कर दिया है कि यदि हौसला और अवसर साथ हों, तो छोटी शुरुआत भी आत्मनिर्भरता की मजबूत राह बना सकती है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उनकी यह कहानी महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बनकर सामने आती है। जिले के ग्राम पोट्टाझोरकी की निवासी राजेश्वरी परस्ते सीमित संसाधनों के बीच अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए कुछ नया करना चाहती थीं। इसी दौरान उन्हें राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना का लाभ मिलना शुरू हुआ।

राजेश्वरी परस्ते को इस योजना के तहत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता प्राप्त होती है। उन्होंने इस राशि को नियमित रूप से बचाया और अपनी ओर से कुछ पैसे जोड़कर अपने घर पर ही एक छोटी किराना दुकान शुरू की। शुरुआत में दुकान में सीमित सामान था, लेकिन उनकी मेहनत और लगन से धीरे-धीरे दुकान चलने लगी। आज उनकी किराना दुकान गांव के लोगों के लिए दैनिक जरूरतों का एक सुविधाजनक केंद्र बन गई है। दुकान से होने वाली आय से वे अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं और घर की जरूरतों को पूरा करने में भी सहयोग दे रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है।

राजेश्वरी परस्ते का कहना है कि महतारी वंदन योजना ने उन्हें कुछ नया करने की प्रेरणा और आत्मविश्वास दिया है। अब वे अपने काम से संतुष्ट हैं और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में गर्व महसूस करती हैं। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। राजेश्वरी की यह कहानी बताती है कि जब महिलाओं को अवसर, सहयोग और आत्मविश्वास मिलता है, तो वे अपने प्रयासों से न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि समाज में भी प्रेरणा का स्रोत बन सकती हैं।

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