एमसीबी। ग्राम पंचायत लाई अमृतधारा स्थित डीपीआरसी भवन में आयोजित जिला पंचायत की सामान्य सभा में ‘जी राम जी’ (विकसित भारत रोजगार एवं आर्थिक गारंटी मिशन ग्रामीण 2025) को लेकर व्यापक चर्चा, समीक्षा और विभागवार प्रगति का आकलन किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने की तथा जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू और उप संचालक पंचायत गुरुचरण सिंह नेताम की विशेष उपस्थिति रही। सभा में जनपद प्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में सहायक परियोजना अधिकारी मो. आरिफ ने विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025 की विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। यह सशक्तिकरण, विकास, कन्वर्जेंस और सैचुरेशन के सिद्धांतों पर आधारित है तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का उन्नत संस्करण है, जिसमें अब 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। यह योजना 01 अप्रैल 2026 से लागू होगी और 1947 से 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
बैठक में बताया गया कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को वर्ष में न्यूनतम 125 दिनों का मजदूरी रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा और समय पर कार्य उपलब्ध न कराने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता देय होगा। मजदूरी भुगतान साप्ताहिक अथवा कार्य पूर्ण होने के 15 दिनों के भीतर किया जाएगा तथा विलंब होने पर मुआवजा भी दिया जाएगा। योजना के तहत जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका संवर्धन, सिंचाई विस्तार, आपदा-निवारण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाएगी। ग्राम पंचायत स्तर पर तैयार की जाने वाली योजनाएं पीएम गति शक्ति के अंतर्गत तकनीकी मानचित्रण के साथ विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर स्टैक प्लेटफार्म पर डिजिटल रूप से दर्ज की जाएगी, जिससे पारदर्शिता और निगरानी मजबूत होगी। बायोमेट्रिक उपस्थिति और डिजिटल भुगतान प्रणाली से मजदूरी भुगतान समयबद्ध होगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने सभी विभागों से क्रमवार समीक्षा करते हुए स्वीकृत, प्रगति पर और पूर्ण कार्यों की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग से जनकपुर, भरतपुर, खड़गवां और मनेंद्रगढ़ की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। सोनोग्राफी, एक्स-रे, टीबी जांच, जीवन दीप समिति की कार्यप्रणाली, एम्बुलेंस उपलब्धता और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों व उपकरणों की स्थिति की जानकारी ली गई। आवश्यक संसाधनों की पूर्ति के निर्देश भी दिए गए।
शिक्षा विभाग से स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, शिक्षक पदस्थापना, मध्यान्ह भोजन व्यवस्था, डिजिटल शिक्षा संसाधन और छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। वन विभाग से वनों की सुरक्षा, वृक्षारोपण अभियान, सामुदायिक वन अधिकार और वन आधारित आजीविका योजनाओं की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों के निर्माण, गुणवत्ता और लंबित कार्यों पर चर्चा हुई। जल जीवन मिशन के तहत नल-जल कनेक्शन, पेयजल गुणवत्ता और अपूर्ण योजनाओं की स्थिति पर रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
आदिवासी विकास विभाग से छात्रावास, आश्रम शालाओं, छात्रवृत्ति वितरण और कौशल विकास कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा विस्तार, पंचायत भवनों और शासकीय संस्थानों में सोलर पैनल स्थापना की संभावनाओं पर विचार हुआ। पंचायतों के हाट-बाजारों में नलकूप खनन की मांग को प्राथमिकता से स्वीकृति देने पर सहमति बनी ताकि ग्रामीण व्यापारियों और आम नागरिकों को पेयजल सुविधा मिल सके।
जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा ने बंजी बुंदेली क्षेत्र के संदर्भ में जानकारी ली कि जहां कुछ गांव नगरीय क्षेत्र में और कुछ ग्रामीण क्षेत्र में आते हैं, वहां मनरेगा कार्यों को किस प्रकार जोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 15 मार्च 2026 के बाद पुराने नरेगा कार्य बंद हो जाएंगे और नई व्यवस्था के अंतर्गत कार्यों का पुनर्संरचना किया जाएगा। मलाई भट्ठा चनवारीडांड में तालाब सफाई कार्य मनरेगा से कराने का प्रस्ताव भी रखा गया।
अध्यक्ष यशवंती सिंह ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण कर गांवों में आय के स्थायी स्रोत विकसित करना है। जल संरक्षण, तालाब गहरीकरण, सड़क निर्माण, वृक्षारोपण, सिंचाई सुविधा और सामुदायिक अधोसंरचना को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। उन्होंने अगली सामान्य सभा में सभी विभागों के मूल अधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू ने भी कहा कि कई बार विभाग प्रमुख अनुपस्थित रहते हैं, जिससे जनप्रतिनिधियों को समुचित जानकारी नहीं मिल पाती। उन्होंने निर्देश दिया कि अगली बैठक में सभी अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और कम विकसित क्षेत्रों को आवश्यकता के आधार पर अधिक समर्थन दिया जाए ताकि कोई भी गांव विकास की दौड़ में पीछे न रह जाए।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य श्रीमती अनीता चौधरी, श्रीमती सुखमंती सिंह, श्रीमती बेला कुवंर आयाम, श्रीमती अनीता सिंह, उजित नारायण सिंह, रामजीत लकड़ा, श्रीमती ममता सिंह, श्रीमती प्रिया सहित समस्त विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

