एमसीबी, छत्तीसगढ़। कार्यालय कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर द्वारा जारी प्रेस पत्रिका के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया गया है कि रेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत स्वीकृत “विशेष रेल चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट नई ब्रॉडगेज रेलवे लाइन” परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया विधिवत रूप से पूर्ण कर ली गई है। यह परियोजना कुल 17 किलोमीटर लंबी है, जिसके अंतर्गत ग्राम चिरईपानी, बंजी, सरौला, सरभोका, खैरबना एवं चित्ताझोर की भूमि प्रभावित हुई है।
रेल विभाग एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल द्वारा सर्वे उपरांत अधिग्रहण हेतु प्रस्तावित भूमि के संबंध में भारतीय रेल अधिनियम 1989 की धारा 20। के तहत आशय की घोषणा कर दावा एवं आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। प्राप्त दावा-आपत्तियों के निराकरण के पश्चात धारा 20E के अंतर्गत भूमि अर्जन की घोषणा भारत के राजपत्र में दिनांक 27 अगस्त 2025 को प्रकाशित की गई। नियत अवधि में प्राप्त सभी दावा एवं आपत्तियों का विधिवत निराकरण करते हुए मुआवजा भुगतान हेतु प्राथमिक प्रतिकर राशि का आकलन किया गया, जिस पर 24 दिसंबर 2025 से 02 फरवरी 2026 तक पुनः प्राप्त आपत्तियों का निराकरण किया गया।
रेल अधिनियम 1989 तथा भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013 के प्रावधानों के अंतर्गत दिनांक 23 फरवरी 2026 को इस परियोजना के लिए अंतिम अधिनिर्णय पारित किया गया है। परियोजना हेतु कुल 206 खसरों के अंतर्गत 36.620 हेक्टेयर भूमि का अर्जन किया गया है, जिसमें 153 निजी भूमिस्वामियों की 15.447 हेक्टेयर भूमि तथा 53 खसरों के अंतर्गत 21.173 हेक्टेयर शासकीय भूमि सम्मिलित है।
इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना के लिए प्रशासकीय शुल्क सहित कुल 16,93,08,338 रुपये, शब्दों में सोलह करोड़ तिरान्वे लाख आठ हजार तीन सौ अड़तीस रुपये का मुआवजा अधिनिर्णीत किया गया है। जिला प्रशासन द्वारा जानकारी दी गई है कि अर्जित भूमि के लिए संबंधित भूमि स्वामियों को मुआवजा राशि का भुगतान यथाशीघ्र किया जाएगा। यह परियोजना क्षेत्र के विकास, आवागमन की सुविधा तथा आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

