Wednesday, February 25, 2026
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डिजिटल प्रशासन की ओर मजबूत कदम: ई-ऑफिस, स्पैरो एवं ई-एचआरएमएस का जिला स्तरीय प्रशिक्षण सम्पन्न

एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिले में शासकीय कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए ई-ऑफिस, स्पैरो एवं ई-एचएमआरएस विषय पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर विनोद देवांगन एवं निखिल साहू ने जिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन डिजिटल प्रणालियों के प्रत्येक बिंदु का विस्तार पूर्वक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। जिले में आयोजित प्रशिक्षण के दौरान ई-ऑफिस प्रणाली के विभिन्न मॉड्यूल्स का व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को ऑनलाइन फाइल संचालन, नोटशीट लेखन, पत्रावली संलग्नीकरण, ई-डिस्पैच तथा डिजिटल हस्ताक्षर की संपूर्ण प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई गई।

प्रशिक्षकों ने बताया कि ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों की रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव है, जिससे लंबित प्रकरणों की निगरानी सरल हो जाती है और जवाबदेही सुनिश्चित होती है। साथ ही, समयबद्ध निस्तारण की सुविधा से कार्यों में अनावश्यक विलंब की संभावना कम होती है।अधिकारियों को यह भी अवगत कराया गया कि ई-ऑफिस प्रणाली कागजरहित (पेपरलेस) कार्यालय व्यवस्था को बढ़ावा देती है, जिससे न केवल प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आती है, बल्कि संसाधनों की बचत एवं पर्यावरण संरक्षण में भी सकारात्मक योगदान मिलता है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फाइल प्रबंधन की इस प्रणाली को शासन की सुशासन नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

स्पैरो – पारदर्शी एसीआर प्रणाली

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान SPARROW ( Smart Performance Appraisal Report Recording Online Window ) प्रणाली के अंतर्गत ऑनलाइन वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (। ACR/APAR ) भरने की पूरी प्रक्रिया का चरणबद्ध प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को लॉगिन प्रक्रिया, स्वमूल्यांकन प्रविष्टि, रिपोर्टिंग एवं रिव्यूइंग अधिकारी द्वारा मूल्यांकन, समय सीमा निर्धारण तथा अंतिम अनुमोदन की कार्यप्रणाली विस्तार से समझाई गई। साथ ही यह भी बताया गया कि निर्धारित समयावधि में प्रविष्टियाँ पूर्ण करना अनिवार्य है, जिससे वार्षिक मूल्यांकन प्रक्रिया में विलंब न हो। प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि स्पैरो प्रणाली के माध्यम से मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं ट्रैक करने योग्य बनती है। इससे अभिलेखों की गोपनीयता सुरक्षित रहते हुए जवाबदेही सुनिश्चित होती है तथा मानव संसाधन प्रबंधन में दक्षता बढ़ती है। डिजिटल एसीआर प्रणाली को प्रशासनिक सुधार और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया गया।

ई-एचआरएमएस – मानव संसाधन प्रबंधन का डिजिटलीकरण

जिले में आयोजित प्रशिक्षण सत्र में ई-एचआरएमएस ( Electronic Human Resource Management System ) के विभिन्न मॉड्यूल्स की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा पुस्तिका के डिजिटल संधारण, व्यक्तिगत विवरण अद्यतन, अवकाश प्रबंधन, पदस्थापना विवरण, वेतन संबंधी अभिलेख तथा अन्य कार्मिक जानकारी को ऑनलाइन दर्ज एवं संशोधित करने की प्रक्रिया समझाई गई। प्रशिक्षकों ने बताया कि ई-एचआरएमएस के माध्यम से सभी सेवा संबंधी अभिलेख एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रूप से उपलब्ध रहते हैं, जिससे अभिलेखों की पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित होती है।

इस प्रणाली से कर्मचारियों को अपने सेवा संबंधी विवरणों तक त्वरित, सटीक एवं कहीं से भी पहुंच प्राप्त होती है। साथ ही विभागीय स्तर पर मानव संसाधन प्रबंधन अधिक सुव्यवस्थित, समयबद्ध एवं जवाबदेह बनता है। ई-एचएमआरएस को प्रशासनिक प्रक्रियाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी पहल बताया गया।

अधिकारियों ने जताई संतुष्टि

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित ई.डी.एम. नारायण केंवटए अर्जुन साहू, श्रवण सहित जिला अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने डिजिटल प्रणालियों की उपयोगिता को सराहा और इसे प्रशासनिक कार्यों में दक्षता बढ़ाने वाला बताया। मास्टर ट्रेनर्स ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से सभी मॉड्यूल्स का अभ्यास भी कराया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी विभागों में इन प्रणालियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे जिले में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती मिलेगी।

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