सोनहत, बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र कोरिया जिले में इन दिनों तेंदुए की सक्रियता ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। सोनहत वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम रजौली में एक तेंदुए ने एक ही रात में 10 बकरियों को मार डाला, जिससे पूरे गांव में भय का माहौल है। यह घटना तब सामने आई जब किसान जीतन राम सुबह रोज की तरह अपने घर के पीछे बने बाड़े में बकरियों को देखने पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर वे स्तब्ध रह गए—सभी बकरियां मृत अवस्था में पड़ी थीं।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान तेंदुए के पैरों के स्पष्ट निशान पाए गए, जिससे हमले की पुष्टि हुई। अधिकारियों ने बताया कि हमले का तरीका और बकरियों के शवों की स्थिति तेंदुए की मौजूदगी की ओर संकेत करती है।
पीड़ित किसान जीतन राम ने बताया कि रात में किसी तरह की असामान्य आवाज सुनाई नहीं दी। सुबह जब वे बाड़े में पहुंचे, तो 10 बकरियों को मृत देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने इसे अपनी आजीविका पर बड़ा आघात बताते हुए शासन से शीघ्र मुआवजे की मांग की है।
गांव में इस घटना के बाद गहरा डर व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले कभी तेंदुआ इतनी अंदरूनी बस्ती तक नहीं पहुंचा था। अब हालात ऐसे हैं कि शाम होते ही लोग घरों में सिमट जाते हैं। बच्चों और महिलाओं को बाहर निकलने से रोका जा रहा है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाने और तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने की मांग की है।
ग्राम पंचायत की सरपंच बसंती बाई ने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और प्रभावित परिवार को जल्द आर्थिक सहायता देने की अपील की है। वहीं ग्रामीण गुलाब चौधरी ने कहा कि जब वन्यजीव घरों के पास तक पहुंच रहे हैं, तो किसी भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।
वनमंडलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह परदेशी ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया गया है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष टीम गठित की गई है। संभावित मूवमेंट वाले स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाने की तैयारी की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को रात के समय मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर रखने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है। विभाग द्वारा नियमानुसार मुआवजा प्रक्रिया भी प्रारंभ की जा रही है।
तेंदुए की इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। अब सभी की नजर वन विभाग की कार्रवाई और गांव में सुरक्षा व्यवस्था पर टिकी है।

