किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज के सशक्त भविष्य का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहा है एमसीबी जिला – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
श्री जगन्नाथ की पावन धरती से मुख्यमंत्री का दृढ़ संदेश: आस्था, सुशासन और सर्वांगीण विकास के संगम से छत्तीसगढ़ को समृद्धि और आत्मनिर्भरता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे
पीएम जन मन और धरती आबा योजना से बैगा परिवारों को मिला सम्मानजनक जीवन और बुनियादी सुविधाओं का अधिकार – रामविचार नेताम
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एमसीबी में ऐतिहासिक विकास: मेडिकल कॉलेज से लेकर 220 बिस्तरों वाले अस्पताल तक स्वास्थ्य क्रांति का नया दौर- स्वास्थ्य मंत्री
एमसीबी, छत्तीसगढ़। चिरमिरी की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरती ने आज विकास, आस्था, जनविश्वास और जनसमर्पण का अभूतपूर्व संगम देखा, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, एमसीबी जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम तथा स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मालवीय नगर, पोड़ी स्थित मंगल भवन पहुंचे। बैकुंठपुर विधायक भईया लाल राजवाड़े, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट और पुलिस अधीक्षक रतना सिंह सहित जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और अधिकारियों ने आत्मीयता एवं गरिमामय वातावरण में उनका स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित महिलाओं ने कलश धारण कर चंदन तिलक एवं पुष्पवर्षा के साथ मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का अभिनंदन किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ और राष्ट्रगान के सामूहिक गान से वातावरण राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत हो उठा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा 127 करोड़ रुपये से अधिक लागत के 141 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास। मुख्यमंत्री ने 3,879.85 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 82 विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा 8,824.78 लाख रुपये की लागत से बनने वाले 59 विकास कार्यों का भूमिपूजन कर एमसीबी जिले को विकास की ऐतिहासिक सौगात दी। गजमाला पहनाकर सभी अतिथियों का सम्मान किया गया, जिससे कार्यक्रम स्थल पर उत्साह और उल्लास की लहर दौड़ गई। मंच को संबोधित करते हुए महापौर राम नरेश राय ने अपने विस्तृत उद्बोधन की शुरुआत भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी और महाशिवरात्रि के पावन पर्व को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि आज का दिन चिरमिरी नगर निगम क्षेत्र के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा। यह केवल 127 करोड़ रुपये की राशि नहीं है, बल्कि यह हमारे शहर की नई पहचान, नई दिशा और नए युग का प्रारंभ है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में एमसीबी जिला विकास की नई इबारत लिख रहा है। मेडिकल कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज और फिजियोथैरेपी कॉलेज की स्थापना से हमारे युवाओं को घर के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। अस्पतालों के उन्नयन और नई स्वास्थ्य सुविधाओं से आमजन को बेहतर उपचार उपलब्ध हो रहा है। अमृत जल मिशन के अंतर्गत 183 करोड़ रुपये की योजना से चिरमिरी में स्थायी पेयजल समाधान की दिशा में कार्य प्रगति पर है। जो शहर कभी पानी के लिए संघर्ष करता था, वह आज आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है। नगर निगम को अग्निशमन वाहन प्रदान करने की घोषणा से आपदा प्रबंधन की क्षमता और सशक्त होगी। सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था और स्वच्छता जैसे मूलभूत कार्यों के लिए राज्य सरकार का निरंतर सहयोग मिल रहा है। हम विश्वास दिलाते हैं कि नगर निगम क्षेत्र को विकास का मॉडल शहर बनाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि आज चिरमिरी के लिए गौरव और उत्साह का दिन है। हमारे बीच छत्तीसगढ़ के तेजस्वी, जनप्रिय और विकास पुरुष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति से पूरा क्षेत्र गौरवान्वित है। उनके नेतृत्व में सुशासन और विकास की जो मिसाल कायम हुई है, उसने हर वर्ग के मन में विश्वास की नई ज्योति जलाई है। एमसीबी जिला, जिसमें मनेंद्रगढ़, चिरमिरी और भरतपुर शामिल हैं, को जितना विकास स्वतंत्रता के बाद दशकों में नहीं मिला, उससे कहीं अधिक कार्य पिछले दो वर्षों में हुए हैं। जिले को मेडिकल कॉलेज, एग्रीकल्चर कॉलेज, हॉर्टिकल्चर कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज और फिजियोथैरेपी कॉलेज की सौगात मिली है। चिरमिरी में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना और मनेंद्रगढ़ में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्वीकृति स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देगी। 43 करोड़ रुपये की साजा पहाड़ सड़क से चिरमिरी और मनेंद्रगढ़ के बीच आवागमन सुगम होगा। 659 करोड़ रुपये की नागपुर-चिरमिरी रेलवे लाइन परियोजना से जिले को सीधा रेल संपर्क मिलेगा। अब लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। नेचुरल गैस पाइपलाइन घर-घर पहुंचेगी, जिससे जीवन और अधिक सुविधाजनक होगा। किसानों के लिए 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी और महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता जनहित की ऐतिहासिक पहल है। पारदर्शी प्रक्रिया से हजारों युवाओं की पुलिस भर्ती हुई है, जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। यह सब मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और प्रतिबद्धता का परिणाम है।
प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने अपने विस्तृत उद्बोधन में कहा कि आज चिरमिरी के इतिहास का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। हमारे मुख्यमंत्री जहां भी जाते हैं, वहां घोषणाओं के साथ ठोस कार्यों की सौगात देते हैं। 127 करोड़ रुपये के विकास कार्य केवल आंकड़े नहीं, बल्कि क्षेत्र की नई तस्वीर और तकदीर के प्रतीक हैं। गांव, गरीब, किसान, मजदूर, नौजवान और जनजातीय समाज की हर वर्ग के कल्याण के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। भरतपुर-सोनहत क्षेत्र में पीएम जनमन योजना के तहत हजारों बैगा परिवारों को आवास मिले हैं और उनके घरों तक बिजली, पानी और सड़क पहुंचाई गई है। बिरसा मुंडा धरती आबा योजना के अंतर्गत जनजातीय बहुल क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए हजारों करोड़ रुपये के प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे गए हैं। यह क्षेत्र ‘काला हीरा’ अर्थात कोयला क्षेत्र के रूप में प्रसिद्ध है और विविध संस्कृतियों का संगम है। चिरमिरी वास्तव में मिनी इंडिया की झलक प्रस्तुत करता है। जनजातीय परिवारों की आय बढ़ाने के लिए बकरी पालन, दुधारू पशुपालन और कृषि विविधीकरण योजनाओं के प्रस्ताव भेजे गए हैं। हमारी सरकार हर परिवार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने विस्तृत और ओजस्वी संबोधन की शुरुआत श्री जगन्नाथ स्वामी के जयकारे से की और कहा कि चिरमिरी की यह पावन भूमि आज ऐतिहासिक विकास की साक्षी बन रही है। 127 करोड़ रुपये की राशि केवल धनराशि नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। हमने अपने हर वादे को ‘मोदी की गारंटी’ कहा है और मोदी की गारंटी का अर्थ है कि हर वादा पूरा होना। सरकार ने कार्यभार संभालते ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी। अब तक 10 लाख से अधिक परिवार अपने नए घरों में प्रवेश कर चुके हैं। किसानों से किया गया वादा निभाते हुए 21 क्विंटल प्रति एकड़ और 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी जा रही है। 25 लाख 24 हजार किसानों से धान खरीदा गया है और अंतर की राशि होली से पहले खातों में पहुंचाई जाएगी। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये दिए जा रहे हैं। अब तक 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। भूमिहीन मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान और चरण पादुका वितरण किया जा रहा है। रामलला दर्शन योजना के तहत 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जा चुके हैं। मंत्रालय की फाइलें ई-प्रणाली से संचालित हो रही हैं, जिससे पारदर्शिता आई है। आबकारी राजस्व 6 हजार करोड़ से बढ़कर 11 हजार करोड़ रुपये हुआ है। बस्तर क्षेत्र, जो नक्सलवाद से प्रभावित रहा, वहां अब विकास की गंगा बह रही है और 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का हमारा संकल्प है।
मुख्यमंत्री ने चिरमिरी नगर निगम को अग्निशमन वाहन, बकरी संवर्धन केंद्र, आर-सेट्टी भवन, देवाड़ांड में नई पुलिस चौकी, चौनपुर में ऑडिटोरियम, नागपुर में उप-तहसील भवन तथा चिरमिरी में आकर्षक शिल्प स्थापना की घोषणाएं करते हुए कहा कि विकास की यह यात्रा निरंतर जारी रहेगी।
कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का श्री जगन्नाथ मंदिर आगमन पूरे आयोजन का आध्यात्मिक शिखर बन गया। जैसे ही मुख्यमंत्री मंदिर परिसर पहुंचे, शंखनाद, घंटों की मधुर ध्वनि, ढोल-नगाड़ों की गूंज और “जय जगन्नाथ” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। मंदिर प्रबंधन समिति और पुजारियों ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ अंगवस्त्र ओढ़ाकर एवं चंदन तिलक लगाकर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंदिर परिसर में अपार जनसमूह उमड़ पड़ा था और श्रद्धालु मुख्यमंत्री के दर्शन के साथ-साथ भगवान श्री जगन्नाथ के प्रति अपनी आस्था प्रकट कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने सर्वप्रथम यज्ञशाला में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से हवन-पूजन किया और आहुति अर्पित करते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निरंतर विकास की कामना की। इसके पश्चात वे बाबा श्री पुरुषोत्तम पुरी महाराज जी की कुटिया पहुंचे और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। संत समाज के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक मार्गदर्शन समाज को नैतिक शक्ति प्रदान करता है और जनसेवा के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है।
मुख्यमंत्री ने मुख्य श्री जगन्नाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान के चरणों में नमन किया तथा शिव मंदिर में जल अर्पित कर प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि श्री जगन्नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थलों का संरक्षण और विकास हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारी सरकार मंदिर परिसर के समुचित विकास और सुविधाओं के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। मंदिर परिसर स्थित आनंद बाजार में मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ सादगी पूर्वक बैठकर प्रसाद ग्रहण किया, जिससे जनसरोकार और समानता का संदेश गया। श्रद्धालुओं से आत्मीय संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की उन्नति और धार्मिक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री के इस आध्यात्मिक प्रवास ने चिरमिरी की धरती पर विकास और धर्म का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया। एक ओर जहां 127 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की ऐतिहासिक सौगात दी गई, वहीं दूसरी ओर भगवान श्री जगन्नाथ के चरणों में नतमस्तक होकर प्रदेश की समृद्धि और जनकल्याण की मंगलकामना की गई। इस प्रकार यह दिन केवल विकास की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक गौरव और सामाजिक समरसता के दृष्टिकोण से भी ऐतिहासिक बन गया।
इस अवसर पर बैकुंठपुर विधायक भईयालाल राजवाड़े, जिला अध्यक्ष चम्पा देवी पावले, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिमा यादव, नई लेदरी नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह राणा, झगराखांड नगर पंचायत अध्यक्ष रीमा यादव, अनिल केसरवानी पूर्व जिला अध्यक्ष, द्वारिका जायसवाल महामंत्री, आशीष मजूमदार, धर्मेंद्र पटवा नगर पालिका परिषद् मनेंद्रगढ़ उपाध्यक्ष, नगर निगम सभापति संतोष सिंह, सरजू यादव, नरेंद्र कुमार दुग्गा कमिश्नर सरगुजा, कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, एसपी रतना सिंह, अपर कलेक्टर नम्रता आनंद डोंगरे, समस्त एसडीएम, समस्त जनपद सीईओ और समस्त विभाग के अधिकारी कर्मचारी के समस्त जनप्रतिनिधि उपस्थित थे ।

