एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिले में प्रशासनिक सक्रियता और विकास कार्यों की गति को लेकर कलेक्टर ने आज वर्चुअल विभागीय समीक्षा बैठक लेकर सभी विभागों को स्पष्ट संदेश दिया कि गुणवत्ता, समयबद्धता और समन्वय से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में आगामी मुख्य सचिव बैठक की तैयारियों को लेकर जिला अधिकारियों की ड्यूटी तय करने तथा सभी विभागों के कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि प्रत्येक विभाग अपनी जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से समझे और निर्धारित समय सीमा के भीतर ठोस प्रगति सुनिश्चित करे। वहीं कर्मयोगी भाव से कार्य करने पर जोर देते हुए कलेक्टर ने जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से संचालित कार्यों की विशेष समीक्षा की और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी संबंधित विभागों को जियो टैगिंग फोटोग्राफ, वास्तविक प्रगति और ऑनलाइन मांग की जानकारी सही एवं अद्यतन रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। हेल्थ, पीएचई, आदिवासी विकास विभाग, जिला पंचायत मनेंद्रगढ़, जनपद पंचायत खड़गवां, क्रेडा, आयुष, रेशम, कृषि तथा अन्य संबंधित विभागों को डीएमएफ कार्यों की अद्यतन जानकारी तत्काल प्रस्तुत करने कहा गया।
धान खरीदी प्रकरणों की समीक्षा के दौरान अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसानों से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। वहीं अमृत धारा महोत्सव को लेकर निर्देश दिए गए कि बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को महोत्सव गतिविधियों से अलग रखा जाए, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।
16 फरवरी को कोरिया में प्रस्तावित कार्यक्रमों की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोपहर में जगन्नाथ मंदिर आगमन, मंदिर प्रांगण में कार्यक्रम, प्रसाद ग्रहण, विभिन्न लोकार्पण और भूमिपूजन, घोषणाएं, रेंट पंडाल, ग्रीन रूम, बैठक व्यवस्था तथा बांस-बल्ली सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर संबंधित विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं। प्रत्येक विभाग को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किस लोकार्पण और भूमिपूजन की जानकारी किस विभाग द्वारा तैयार की जाएगी, इसकी सूची बनाकर प्रस्तुत करें। आमंत्रण पत्र, हेलीपैड व्यवस्था तथा अमृतधारा महोत्सव के लिए आवश्यक बांस-बल्लियों सहित सभी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
बौरीडांड दोहरीकरण कार्य की प्रगति की जानकारी ली गई और कार्य में तेजी लाने को कहा गया। आधार सेवा की समीक्षा में बताया गया कि खड़गवां, मनेंद्रगढ़ और भरतपुर ब्लॉक में आधार कैंप लगाए जा रहे हैं। कलेक्टर ने आधार किट की उपलब्धता, दो स्वास्थ्य संस्थानों और दो पंचायतों में विशेष अभियान चलाने तथा लंबित आधार पंजीयन शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
झगराखांड में ओपन जिम, लाइब्रेरी लाइट, समतलीकरण कार्य की स्थिति की समीक्षा की गई। कौशल विकास विभाग को प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देने तथा जिला रोजगार कार्यालय, महाविद्यालयों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक कॉलेज, कौशल प्रशिक्षण केंद्र, पंचायत एवं नगरीय निकायों के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही विद्युतीकरण कार्यों, ग्राम देवगढ़ को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की प्रगति तथा खनिज विभाग द्वारा अवैध खनन की रोकथाम की स्थिति की जानकारी ली गई। कंजिया और मलकडोल में नए पुल निर्माण कार्य के आसपास रेत उत्खनन रोकने के लिए एसडीएम को सख्त निर्देश दिए गए। राजस्व विभाग को विवादित एवं अविवादित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करने को कहा गया। वन अधिकार अधिनियम अंतर्गत फौती नामांतरण एफआरए 3-2 के तहत पट्टों की अलग से संधारित जानकारी रखने के निर्देश भी दिए गए। नेशनल हाईवे कटनी-गुमला मार्ग के मुआवजा प्रकरण में 49 हितग्राहियों, जिनमें 12 कोरिया जिले के हैं, के भुगतान की स्थिति की समीक्षा कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया। पीएचई, डीडब्ल्यूएसएम, पीएमजीएसवाई, जनमन रोड भरतपुर, मनेंद्रगढ़ और खड़गवां के कार्यों की प्रगति पर असंतोष जताते हुए आईटीबीपी पीएमजीएसवाई में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। डेप्थ अकाउंट की स्थिति पर भी आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
बीएसएनएल साल्ही क्षेत्र में 72 टावर प्लांट में से 56 सक्रिय पाए गए, शेष को शीघ्र सक्रिय करने और 134 नए गांवों में टावर स्थापना की योजना पर तेजी लाने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को चावल उत्सव हेतु पर्याप्त चावल उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। जिले में ऑनलाइन और ऑफलाइन राशन दुकानों की स्थिति की जानकारी ली गई तथा ई-केवाईसी शत-प्रतिशत पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग को आधार लिंकिंग, गर्म भोजन, मातृ वंदना योजना की सेक्टरवार जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया।
स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए सेवाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। ट्राइबल विभाग को मल्टीपर्पस सेंटर में संस्था संचालन हेतु कार्यशाला की लिखित कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। मट्टा क्षेत्र में स्कूल संचालन, छात्रावास एवं आश्रम निर्माण, धरती आबा योजना की प्रगति तथा मोबाइल टावर स्थापना की जानकारी ली गई। सभी विभागों को आवश्यक प्रस्ताव समय पर भेजने को कहा गया।
देव स्थलों के जीर्णोद्धार, सभी नगरीय निकायों में वाटर एटीएम चालू करने तथा पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए। साथ ही भंडार क्रय नियम के तहत 15 फरवरी तक समस्त क्रय प्रक्रिया पूर्ण करने और 28 फरवरी तक क्लोजिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। कार्मिक संपदा पोर्टल अपडेट करने तथा पीएम आवास वसूली प्रकरणों में कार्रवाई तेज करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के अंत में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि शासन की योजनाओं का क्रियान्वयन केवल कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए। समय सीमा, पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ कार्य करें, अन्यथा जवाबदेही तय की जाएगी। प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तत्परता के साथ काम करने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जिला विकास की नई गति की ओर बढ़ रहा है और इसमें किसी भी स्तर की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

