Wednesday, January 14, 2026
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सफलता की कहानी: डिजिटल तौल और सुव्यवस्थित व्यवस्था से किसान को मिला संतोषजनक अनुभव

एमसीबी, छत्तीसगढ़। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में लागू पारदर्शी और डिजिटल धान खरीदी व्यवस्था किसानों के जीवन में भरोसे का नया अध्याय लिख रही है। ग्राम कटकोना निवासी किसान लखपति सिंह की सफलता इस बदली हुई व्यवस्था की सशक्त मिसाल बनकर सामने आई है। लखपति सिंह ने कटकोना उपार्जन केंद्र में अपनी मेहनत की फसल के कुल 52 क्विंटल धान की सफल बिक्री की। शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी की नीति के अंतर्गत उन्हें उनकी पूरी उपज का वाजिब और लाभकारी मूल्य प्राप्त हुआ, जिससे उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ गया। लखपति सिंह का टोकन ऑफलाइन जारी किया गया था, फिर भी वे निर्धारित तिथि पर उपार्जन केंद्र पहुंचे और बिना किसी बाधा के धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हुई।उपार्जन केंद्र में किसानों के लिए बैठने की व्यवस्था, पेयजल, छाया एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध थीं। डिजिटल तौल कांटे से धान की सटीक माप की गई, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और भरोसेमंद बनी रही। किसान लखपति सिंह बताते हैं कि पहले धान बेचने के दौरान उन्हें लंबी प्रतीक्षा और अनिश्चितता का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस वर्ष सुव्यवस्थित और तकनीक आधारित व्यवस्था के कारण न तो देरी हुई और न ही किसी प्रकार की परेशानी। समर्थन मूल्य की राशि मिलने के बाद अब वे रबी फसल की तैयारी, बच्चों की शिक्षा तथा घरेलू जरूरतों की योजना निश्चिंत होकर बना पा रहे हैं। ग्राम कटकोना के किसान लखपति सिंह की यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि डिजिटल और पारदर्शी धान खरीदी व्यवस्था न केवल किसानों के समय और मेहनत की रक्षा कर रही है, बल्कि उनके जीवन में स्थिरता, आत्मविश्वास और समृद्धि के नए अवसर भी खोल रही है।

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