Sunday, January 11, 2026
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मनेंद्रगढ़ तहसील में खसरा नंबर 217 के भूमि मामलों में दस्तावेज़ जमा करने की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2026

एमसीबी, छत्तीसगढ़। तहसील मनेंद्रगढ़ अंतर्गत ग्राम मनेंद्रगढ़, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर स्थित भूमि खसरा नंबर 217 से संबंधित मामलों में पारदर्शिता और जनहित सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तहसील प्रशासन ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खसरा नंबर 217 से जुड़ी किसी भी भूमि, प्लाटिंग अथवा संपत्ति से संबंधित दस्तावेज़ एवं रजिस्ट्री प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। इसके पश्चात कोई भी दस्तावेज़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रशासन के अनुसार इस भूमि से संबंधित दावा या दस्तावेज़ प्रस्तुत करने वाले व्यक्ति जांच दल के सदस्य दीपेन्द्र पाल के समक्ष अपने दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। दस्तावेज़ जमा करने की प्रक्रिया सुराजी हॉल, तहसील कार्यालय, मनेंद्रगढ़ में कार्यालयीन समय के दौरान संपन्न की जाएगी।

उल्लेखनीय है कि ग्राम मनेंद्रगढ़ में खसरा नंबर 217 के रकबे में अनियमित वृद्धि तथा अवैध प्लाटिंग को लेकर लगातार गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन द्वारा कार्यालयीन आदेश क्रमांक 1843 दिनांक 13 दिसंबर 2024 एवं संशोधित आदेश क्रमांक 558 दिनांक 9 अक्टूबर 2025 के माध्यम से एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है। जांच दल में विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हैं, जो पूरे मामले की गहन जांच कर वास्तविक स्थिति का आकलन कर रहे हैं। जांच प्रक्रिया के अंतर्गत खसरा नंबर 217 का 5 एवं 6 जनवरी 2026 को स्थल निरीक्षण किया जा चुका है। इस दौरान भूमि के सीमांकन, रकबा, वर्तमान उपयोग एवं प्लाटिंग से जुड़े तथ्यों की विस्तारपूर्वक जांच की गई तथा अभिलेखों और भौतिक स्थिति का मिलान किया गया।

तहसील प्रशासन ने सभी संबंधित भूमिस्वामियों, कब्जाधारियों एवं हितधारकों से अपील की है कि वे अपने स्वामित्व प्रमाण-पत्र, खसरा-खतौनी, नक्शा, विक्रय पत्र एवं अन्य वैधानिक दस्तावेजों की मूल प्रति निर्धारित समय सीमा में प्रस्तुत करें। जांच दल के सदस्य दीपेन्द्र पाल ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि किसी भी प्रकार की असुविधा या विवाद से बचने के लिए समय पर दस्तावेज़ जमा करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी होगी। यदि दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान अवैध प्लाटिंग या रकबा वृद्धि पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि वे अवैध भूमि लेन-देन से बचें और केवल वैध दस्तावेज़ों के आधार पर ही निर्णय लें।

यह सूचना सभी संबंधित नागरिकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है कि दस्तावेज़ जमा करने की अंतिम तिथि 16 जनवरी 2026, स्थान सुराजी हॉल, तहसील कार्यालय, मनेंद्रगढ़ एवं संपर्क अधिकारी जांच दल सदस्य दीपेन्द्र पाल हैं। तहसील प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्रवाई जनहित एवं भूमि विवादों के शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से की जा रही है।

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