एमसीबी, छत्तीसगढ़। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी और किसानों को किए गए भुगतान की अभूतपूर्व सफलता ने छत्तीसगढ़ शासन की किसान-हितैषी, पारदर्शी और प्रभावी नीतियों की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत की है। प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व में संचालित इस पूरी प्रक्रिया ने न केवल किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मूल्य मिलता, बल्कि जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती भी प्रदान की है।
जिले में कुल 10,544 किसानों ने समर्थन मूल्य पर धान विक्रय किया। इस दौरान 5.58 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी की गई, जो जिले के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। धान खरीदी के एवज में किसानों के बैंक खातों में कुल 1323.83 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा हुआ और ग्रामीण अंचलों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली।
समर्थन मूल्य और पारदर्शी व्यवस्था से बढ़ा किसानों का भरोसा
प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान खरीदी की नीति जिले के किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। इस नीति ने किसानों को बाजार की अनिश्चितता और बिचौलियों के शोषण से मुक्त कर उन्हें आर्थिक सुरक्षा का भरोसा दिया।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की किसान-केन्द्रित सोच के अनुरूप धान खरीदी की संपूर्ण व्यवस्था डिजिटल, पारदर्शी और सुव्यवस्थित रही। किसानों के पंजीयन से लेकर तौल, रिकॉर्ड संधारण और भुगतान तक हर चरण में तकनीक का प्रभावी उपयोग किया गया। ऑनलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से किसानों को निर्धारित तिथि और समय उपलब्ध कराया गया, जिससे उपार्जन केंद्रों में भीड़ और अनावश्यक प्रतीक्षा की स्थिति नहीं बनी। जिले में कुल 11,742 बार धान खरीदी की प्रक्रिया संपन्न हुई, जो इस तंत्र की सुचारूता और प्रशासनिक दक्षता को दर्शाती है। किसानों ने बड़ी संख्या में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय कर शासन की व्यवस्था पर अपना पूर्ण विश्वास प्रकट किया।
1323.83 करोड़ रुपये का भुगतान, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार
धान खरीदी के पश्चात किसानों को भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में डिजिटल माध्यम से किया गया। जिले में हुआ 1323.83 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि इससे पूरे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नया संबल मिला। इस बड़ी धनराशि के प्रवाह से ग्रामीण बाजारों में रौनक बढ़ी, कृषि उपकरण, खाद-बीज, उपभोक्ता वस्तुओं तथा अन्य व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई। समय पर भुगतान से किसान परिवारों को कर्ज के दबाव से राहत मिली और आगामी फसल की तैयारी के लिए आवश्यक पूंजी भी सुनिश्चित हुई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में मजबूत हुई कृषि और ग्रामीण आजीविका
धान खरीदी और भुगतान की यह ऐतिहासिक प्रक्रिया केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का सशक्त उदाहरण है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट मार्गदर्शन, मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था और किसान-हितैषी निर्णयों ने जिले के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दी है। जिले में 10,544 किसानों की भागीदारी, 11,742 बार की खरीदी, 5.58 लाख क्विंटल से अधिक धान का संकलन और 1323.83 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान यह प्रमाणित करता है कि शासन की योजनाएँ कागजों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू हुई हैं।
धान खरीदी से परिवहन, भंडारण, मिलिंग और गोदाम प्रबंधन जैसे सहायक क्षेत्रों में भी गतिविधियाँ बढ़ीं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में वृद्धि हुई। किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है और उनके बीच यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि राज्य सरकार उनकी मेहनत और जरूरतों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है। समग्र रूप से मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की धान खरीदी ने कृषि आधारित ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान की है। समयबद्ध भुगतान, पारदर्शी तंत्र और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लिए गए किसान-हितैषी निर्णय आने वाले वर्षों में भी प्रदेश की कृषि प्रगति के मजबूत आधार सिद्ध होंगे।

