Friday, January 9, 2026
Homeभारतएमसीबी जिले में पूर्व वर्षों के निर्मित 780 डबरी तथा 15 अमृत...

एमसीबी जिले में पूर्व वर्षों के निर्मित 780 डबरी तथा 15 अमृत सरोवरों में मछली पालन का नया व्यवसाय

एमसीबी, छत्तीसगढ़। ग्रामीण आजीविका में नए विकल्पों के तौर पर मछली पालन एक प्रमुख विकल्प बनकर तैयार हो रहा है। एमसीबी जिले के अंतर्गत तीन जनपद पंचायत क्षेत्रों में विगत वर्षों में निर्मित किए गए 780 से ज्यादा डबरियों के हितग्राही और मिशन अमृत सरोवर के तहत तैयार किए गए 87 अमृत सरोवरों में से 15 अमृत सरोवरों में इस वर्ष मछली पालन कर समूह की महिलाएं अब एक मजबूत आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मछली पालन के इस व्यवसाय से क्षेत्र के ग्रामीणों को दोहरा लाभ हो रहा है। एक ओर उनकी आजीविका के लिए एक अच्छा आर्थिक विकल्प बन गया है वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सुपोषण में भी मछली पालन एक कारगर कदम साबित हो रहा है। गांवों में इससे निरंतर आजीविका डबरी की मांग बढ़ रही है।780 डबरी में हो रहा मत्स्य पालन

जिला पंचायत एमसीबी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायतों में विगत वर्षों में बनाई गई 268 डबरियों में हितग्राही परिवार मछली पालन आरंभ कर चुके हैं। वहीं जनपद पंचायत खड़गंवा में कुल 279 डबरियों में और जनपद पंचायत भरतपुर के अंतर्गत आने वाले ग्रामों की कुल 234 से अधिक डबरियों में मछली पालन आरंभ हो चुका है। संपूर्ण जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 में मत्स्य पालन विभाग के सहयोग से एक नया स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने में सफलता मिली है।

15 महिला समूह भी जुड़े

महात्मा गांधी नरेगा अंतर्गत प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए मिशन अमृत सरोवर भी मछली पालन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहे है। एमसीबी जिले मे प्रथम फेज में कुल 87 अमृत सरोवर तैयार किए जा चुके हैं जिनमें से 33 जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ में स्थित हैं। जनपद पंचायत खड़गंवा में 23 और कुल 31 जनपद पंचायत भरतपुर में स्थित हैं। इनसे क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा के साथ साथ 15 अमृत सरोवरों में मछली पालन आरंभ हो चुका है। अमृत सरोवरों में मछली पालन का कार्य समूहों के माध्यम से हो रहा है। जिससे महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं।  

241 नई आजीविका डबरी स्वीकृत

जिला पंचायत एमसीबी की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंकिता सोम ने बताया कि मनरेगा के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में आजीविका में सुधार के लिए 241 नई आजीविका डबरी का निर्माण कार्य स्वीकृत किया गया है। जिनमे कार्य प्रगतिरत हैं, आने वाले समय में यह भी क्षेत्र में जल संरक्षण के साथ स्वरोजगार का माध्यम बनेंगी।

RELATED ARTICLES

विज्ञापन

- Advertisment -

देश

Recent Comments