एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिला विकसित भारत जीरामजी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जिले में तकनीक के बेहतर उपयोग से नया लेबर बजट तैयार करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जिले के तीनों जनपद पंचायतों के अंतर्गत मनरेगा में पंजीकृत कुल 69 हजार 914 श्रमिक परिवारों के लिए आगामी वित्तीय वर्ष से लागू होने वाली विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। यह योजना वीबी-जी राम जी योजना (VB-G Ram Ji Yojana) “विकसित भारत- रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)” का हिस्सा है, जो मनरेगा में बदलाव लाकर ग्रामीण विकास और रोजगार को बढ़ावा देती है, जिसमें ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार गारंटी और कृषि कार्यों के लिए अतिरिक्त 60 दिन का अवकाश (विराम) मिलता है, जिसका लक्ष्य 2047 तक “विकसित भारत” के विजन को पूरा करना है। यह योजना ग्राम सभाओं के माध्यम से लागू की जाती है और ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाती है. इसके अंतर्गत जिले के लिए कुल 195 करोड़ 28 लाख रुपये का लेबर बजट प्रस्तावित किया गया है, जिसके अनुमोदन की प्रक्रिया शेष है।
199 ग्राम पंचायतों से तैयार हुआ समेकित लेबर बजट
संशोधन के पश्चात मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में अब तीनों जनपद पंचायतों को मिलाकर कुल 199 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इनमें जनपद पंचायत खड़गवां अंतर्गत 44 ग्राम पंचायतें सम्मिलित हैं, जबकि मनेन्द्रगढ़ और भरतपुर जनपद पंचायतों की ग्राम पंचायतों को मिलाकर समेकित लेबर बजट तैयार किया गया है। सभी ग्राम पंचायतों से 125 दिवस रोजगार के आधार पर प्रस्तावित कार्यों का संकलन कर जनपद स्तर पर लेबर बजट को अंतिम रूप दिया जा चुका है।
युक्त धारा पोर्टल से बनेगा सटीक और पारदर्शी प्लान
विकसित भारत जीरामजी योजना के अंतर्गत इस बार वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने में तकनीक का विशेष उपयोग किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों की सीमाओं का निर्धारण कर कार्यों की मैपिंग की जा रही है। इस प्रक्रिया में इसरो आधारित युक्त धारा पोर्टल की सहायता ली जा रही है, जिससे कार्यों का स्थान चयन पहले ही तकनीकी रूप से सुनिश्चित किया जा सके। इससे योजनाओं में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
48 लाख मानव दिवस सृजन का प्रस्ताव: रोजगार के नए अवसरों की बड़ी तस्वीर
जिले में पंजीकृत श्रमिक परिवारों की संख्या को ध्यान में रखते हुए विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 125 कार्यदिवस उपलब्ध कराने के लक्ष्य के अनुसार लेबर बजट तैयार किया गया है। इसके तहत जिले के तीनों जनपद पंचायतों को मिलाकर कुल 48 लाख मानव दिवस के अकुशल श्रम सृजन का प्रस्ताव किया गया है। यह आंकड़ा जिले में ग्रामीण रोजगार के विस्तार की बड़ी तस्वीर प्रस्तुत करता है।
जिला पंचायत सीईओ का संदेश: योजना से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि विकसित भारत जीरामजी योजना के माध्यम से जिले में ग्रामीण रोजगार को नई दिशा मिलेगी। तकनीक आधारित योजना निर्माण से यह सुनिश्चित होगा कि कार्य सही स्थान पर और सही समय पर हों। इससे श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार मिलेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह योजना आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विकसित भारत जीरामजी योजना के तहत तैयार यह लेबर बजट न केवल रोजगार के अवसर बढ़ाएगा बल्कि मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को समावेशी और सतत विकास की ओर भी तेजी से अग्रसर करेगा।

