Sunday, January 11, 2026
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जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन, 100 प्रतिशत सहभागिता के साथ ऐतिहासिक उपलब्धि

SIR अभियान में पारदर्शिता और सहभागिता की मिसाल, जिले में 2 लाख 87 हजार से अधिक मतदाता सूची अंतिम चरण की ओर

SIR अभियान में 31,721 नाम विलोपित, जिले में मतदाता संख्या घटकर 2 लाख 87 हजार सात सौ दो हुए

भारत निर्वाचन आयोग की सख्त निगरानी में मतदाता सूची पुनरीक्षण पूर्ण, दावा-आपत्ति अवधि 23 दिसंबर से 22 जनवरी तक

एमसीबी, छत्तीसगढ़। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में गणना चरण 4 नवंबर से 18 दिसंबर 2025 तक सफलतापूर्वक पूर्ण किया गया। इसके पश्चात 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर आज दिनांक 23 दिसंबर 2025 को जिले के विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 01 भरतपुर-सोनहत एवं 02 मनेन्द्रगढ़ के समस्त मतदान केन्द्रों सहित सभी विनिर्दिष्ट स्थलों पर प्रारूप निर्वाचक सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया गया। प्रारूप निर्वाचक नामावली मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है, जहां मतदाता अपने नाम की जांच कर सकते हैं।

प्रारंभिक प्रकाशन के अनुसार जिले की सामान्य जानकारी में संसदीय निर्वाचन क्षेत्र कोरबा के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र 01 भरतपुर-सोनहत (अनुसूचित जनजाति) एवं 02 मनेन्द्रगढ़ शामिल हैं। जिले में कुल 503 मतदान केन्द्र हैं, जिनमें विधानसभा क्षेत्र 01 के अंतर्गत 322 मतदान केन्द्र हैं, जिनमें 82 सोनहत क्षेत्र के सम्मिलित हैं, जबकि विधानसभा क्षेत्र 02 मनेन्द्रगढ़ में 181 मतदान केन्द्र हैं। मतदाता आंकड़ों के अनुसार विधानसभा क्षेत्र 01 भरतपुर-सोनहत में पुरुष मतदाताओं की संख्या 83,546, महिला मतदाताओं की संख्या 84,315 तथा थर्ड जेंडर मतदाता 3 हैं, जिससे कुल मतदाता संख्या 1,67,864 है। विधानसभा क्षेत्र 02 मनेन्द्रगढ़ में पुरुष मतदाता 60,540, महिला मतदाता 59,316 हैं तथा थर्ड जेंडर मतदाता शून्य हैं, जिससे कुल मतदाता संख्या 1,19,856 है। इस प्रकार जिले में कुल पुरुष मतदाता 1,44,086, महिला मतदाता 1,43,631, थर्ड जेंडर मतदाता 3 एवं कुल मतदाता संख्या 2,87,720 है।

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के दौरान जिले की निर्वाचक सूची में शामिल कुल 3,19,441 मतदाताओं के प्री-फिल्ड एन्यूमरेशन फॉर्म मुद्रित कराकर घर-घर गणना चरण के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों के माध्यम से वितरित किए गए। बीएलओ द्वारा निरंतर हाउस टू हाउस सर्वे कर मृत, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि वाले निर्वाचकों को चिन्हित किया गया तथा इन सूचियों का सत्यापन मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट के साथ बैठकों के माध्यम से किया गया। मतदान केन्द्रवार आयोजित बीएलओ एवं बीएलए की बैठकों में शेष 31,721 ऐसे मतदाताओं की सूची भी साझा की गई जिनसे गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए थे, ताकि किसी भी स्तर पर कोई संदेह न रहे और सभी वास्तविक मतदाताओं को प्रपत्र जमा करने हेतु प्रेरित किया जा सके।

बूथ लेवल अधिकारी एवं बूथ लेवल एजेंट की बैठकों का कार्यवाही विवरण तथा ASD श्रेणी के अंतर्गत गणना पत्रक जमा न करने वाले, स्थानांतरित, दोहरी प्रविष्टि या डुप्लिकेट तथा मृत मतदाताओं की सूची सहित अन्य विवरण जिले की आधिकारिक वेबसाइट https://manendragarh-chirmiri-bharatpur.cg.gov.in/en/district-election/ पर अपलोड किया गया है। संक्षिप्त विवरण के अनुसार विधानसभा क्षेत्र 01 भरतपुर-सोनहत में 310 मतदान केन्द्र, कुल 1,81,682 मतदाता, 1,81,680 ईएफएस डिजिटलीकृत, 3,266 मृत, 9,078 स्थायी स्थानांतरण, 1,079 पहले से नामांकित, 395 अनुपस्थित, अन्य शून्य तथा कुल यूईएफ 13,818 पाए गए। विधानसभा क्षेत्र 02 मनेन्द्रगढ़ में 156 मतदान केन्द्र, कुल 1,37,759 मतदाता, 1,37,759 ईएफएस डिजिटलीकृत, 3,545 मृत, 11,559 स्थायी स्थानांतरण, 687 पहले से नामांकित, 2,063 अनुपस्थित, अन्य 49 तथा कुल यूईएफ 17,903 रहे। इस प्रकार कुल 466 मतदान केन्द्रों में 3,19,441 मतदाताओं में से 3,19,439 का डिजिटलीकरण किया गया तथा कुल 31,721 मतदाता यूईएफ श्रेणी में पाए गए।

वर्तमान में विशेष गहन पुनरीक्षण उपरांत कुल 31,721 मतदाताओं के नाम विलोपित किए गए हैं, जिसके बाद जिले में विधानसभा क्षेत्र 01 भरतपुर-सोनहत में 1,67,864 तथा विधानसभा क्षेत्र 02 मनेन्द्रगढ़ में 1,19,856 मतदाता शेष हैं और जिले की कुल मतदाता संख्या 2,87,720 हो गई है। बीएलओ को ये मतदाता नहीं मिले या उन्होंने गणना प्रपत्र वापस नहीं किया क्योंकि वे अन्य राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में मतदाता बन चुके थे, या वे उपस्थित नहीं पाए गए, या 18 दिसंबर 2025 तक प्रपत्र जमा नहीं किया, या किसी कारणवश मतदाता के रूप में पंजीकरण के इच्छुक नहीं थे। वास्तविक पात्र मतदाताओं को दावा एवं आपत्ति चरण 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 के दौरान पुनः मतदाता सूची में जोड़ा जा सकता है तथा एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत पाए गए मतदाताओं का नाम केवल एक स्थान पर ही रखा जाएगा।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम स्पष्ट उद्देश्यों के साथ लागू किया गया है, ताकि अधिकतम सहभागिता, सभी पात्र मतदाताओं का पूर्ण समावेशन और प्रत्येक चरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। सभी मतदाताओं और सभी राजनीतिक दलों की सहभागिता से 18 दिसंबर 2025 तक कुल 3,19,441 मतदाताओं में से 3,19,441 यानी 100 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र जमा कराए, जो इस कार्यक्रम की व्यापक सफलता को दर्शाता है। यह उपलब्धि 2 निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 9 सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 10 अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा 466 मतदान केन्द्रों पर तैनात बीएलओ के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। छह प्रमुख राजनीतिक दलों के जिला अध्यक्षों और उनके प्रतिनिधियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए 932 बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए।

कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं, यह सुनिश्चित करने के लिए गणना अवधि के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी एवं निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए गए और राजनीतिक दलों के साथ अनेक बैठकें आयोजित की गईं। बीएलओ द्वारा बीएलए के साथ बूथ स्तर की बैठकें कर जिन्हें प्रतिदिन अधिकतम 50 गणना प्रपत्र जमा करने की अनुमति दी गई थी। 27 अक्टूबर 2025 तक सूचीबद्ध सभी मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए गए तथा संग्रह के लिए कम से कम तीन बार भ्रमण किया गया।

01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण का संशोधित शेड्यूल जारी किया गया है, जिसके अंतर्गत 23 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट का प्रकाशन, 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक दावे एवं आपत्तियों की अवधि, 23 दिसंबर 2025 से 14 फरवरी 2026 तक नोटिस चरण एवं सुनवाई तथा 21 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। मतदाता अपना नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में स्थानीय बीएलओ, ECINET मोबाइल ऐप अथवा voters.eci.gov.in वेबसाइट के माध्यम से जांच सकते हैं। यदि किसी मतदाता का नाम सूची में नहीं है तो फॉर्म-6 के माध्यम से घोषणा पत्र एवं आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त फॉर्म 6 नए वोटर के लिए एप्लीकेशन करें, 6। फॉर्म विदेश में रहने वाले वोटर द्वारा इलेक्टोरल रोल में नाम शामिल करने के लिए एप्लीकेशन करें, फॉर्म 7 मौजूदा इलेक्टोरल रोल में नाम शामिल करने या हटाने के प्रस्ताव पर आपत्ति के लिए एप्लीकेशन करें और फॉर्म 8 के माध्यम से निवास बदलने, मौजूदा इलेक्टोरल रोल में एंट्री में सुधार/ EPIC बदलने/ PWD मार्क करने के लिए वोटर एप्लीकेशन करने के संबंधित आवेदन किए जा सकते हैं, जिन्हें बीएलओ के पास या ऑनलाइन ECINET ऐप एवं voters.eci.gov.in के माध्यम से जमा किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान हैंड होल्डिंग के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, अभिहित अधिकारी, स्वयंसेवक और आईटी सक्षम अधिकारियों द्वारा बीएलओ को सहयोग दिया गया। समय सीमा में कार्य पूर्ण करने वाले बीएलओ को जिला स्तर पर सम्मानित किया गया तथा क्षमता निर्माण के लिए निरंतर प्रशिक्षण, शंका समाधान सत्र और वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जागरूकता फैलाई गई और कमजोर नेटवर्क क्षेत्रों में सामुदायिक डिजिटाइजेशन मॉडल अपनाया गया। शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और नगर पालिकाओं के सहयोग से विशेष शिविर आयोजित किए गए। नए मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए जिले के सभी महाविद्यालयों में मतदाता जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए, जिसके परिणाम स्वरूप 3,717 फॉर्म-6 प्राप्त हुए।

युवा वोटरों को शामिल करने हेतु 01 जनवरी 2026 को या उससे पहले 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले युवाओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया और जिलेभर में स्वीप गतिविधियों के माध्यम से अभियान चलाया गया। मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या अनुपलब्ध बताए गए मतदाताओं की सूचियां राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए के साथ सत्यापन के लिए साझा की गईं। बूथ लेवल अधिकारी और वॉलंटियर्स द्वारा वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग मतदाताओं और कमजोर वर्गों की विशेष सहायता की गई तथा जिला, अनुविभागीय और तहसील स्तर पर हेल्प डेस्क एवं आईटी डेस्क स्थापित किए गए।

गणना के दौरान प्राप्त प्रत्येक शिकायत का जिला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओ, एईआरओ और अतिरिक्त एईआरओ द्वारा व्यक्तिगत रूप से समाधान किया गया। प्रारूप मतदाता सूची की मुद्रित एवं डिजिटल प्रतियां मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गईं और सीईओ छत्तीसगढ़ की वेबसाइट पर प्रदर्शित की गईं। दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने और अपात्र नाम हटाने हेतु आवेदन किया जा सकता है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दिशा-निर्देशों के अनुसार बिना नोटिस और स्पीकिंग ऑर्डर के कोई भी नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा तथा पीड़ित मतदाता लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 24 के अंतर्गत अपील कर सकता है। भारत निर्वाचन आयोग ने एक बार फिर पारदर्शी, सहभागी और समावेशी पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्पष्ट किया है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से न छूटे और कोई भी अयोग्य नाम मतदाता सूची में शामिल न हो।

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