Monday, January 12, 2026
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प्रशासन गांव की ओर: लालपुर में सुशासन सप्ताह शिविर, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का मिला भरोसा

एमसीबी, छत्तीसगढ़। भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा आयोजित राष्ट्रव्यापी अभियान “सुशासन सप्ताह – प्रशासन गांव की ओर” 2025 के तहत जिले में आज 20 दिसंबर 2025 को ग्राम पंचायत लालपुर में प्रथम विशेष शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह अभियान 19 दिसंबर से 25 दिसंबर 2025 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य शासन-प्रशासन को सीधे गांव तक पहुंचाकर आम नागरिकों की शिकायतों, मांगों एवं समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। यह शिविर ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।अतिथियों के स्वागत के साथ शिविर की औपचारिक शुरुआत

शिविर की शुरुआत मंचासीन अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत के साथ की गई, जिसके पश्चात शिविर की औपचारिक कार्यवाही प्रारंभ हुई। शिविर में विभिन्न विभागों की सक्रिय सहभागिता रही और विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाकर ग्रामीणों को शासन की योजनाओं, प्रक्रियाओं एवं पात्रता की विस्तृत जानकारी दी गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण नागरिक शिविर में उपस्थित रहे और उन्होंने अपनी व्यक्तिगत तथा सार्वजनिक समस्याएं संबंधित विभागों के समक्ष सीधे प्रस्तुत कीं।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति

शिविर में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी बाई खुसरो, जनपद पंचायत सदस्य कविता, ग्राम पंचायत लालपुर की सरपंच श्रीमती उर्मिला सिंह, भलौर सरपंच श्री धर्मपाल सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। शिविर का समन्वय मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री वैशाली सिंह, जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ द्वारा किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए यथासंभव मौके पर ही निराकरण किया तथा जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनमें शीघ्र कार्यवाही का आश्वासन दिया गया।पशुपालन विभाग की पहल: पशुधन संरक्षण से आयवर्धन तक

पशुपालन विभाग द्वारा पशुधन संरक्षण, उपचार, टीकाकरण एवं आयवर्धन से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। विभाग ने बताया कि वर्तमान समय में खेती में ट्रैक्टरों के बढ़ते उपयोग के कारण देसी पशुओं की उपयोगिता कम होती जा रही है, जिसके चलते कई लोग पशुओं को सड़क किनारे छोड़ देते हैं, जिससे दुर्घटनाएं तथा जान-माल की हानि की घटनाएं बढ़ रही हैं। विभाग द्वारा कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उन्नत नस्ल विकास, दूध उत्पादन बढ़ाने, बकरा पालन एवं सूकर पालन योजनाओं की जानकारी दी गई तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लिए विशेष अनुदान योजनाओं के माध्यम से पशुपालन को स्थायी आजीविका का साधन बनाने पर जोर दिया गया। शिविर में विभागीय स्टॉल पर निःशुल्क दवाइयां, पेट के कीड़े की दवा, बुखार की दवा एवं उपचार संबंधी जानकारी भी ग्रामीणों को दी गई।

कृषि विभाग ने योजनाओं से कराया किसानों का परिचय

कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम-आशा योजना, बीज उत्पादन कार्यक्रम, सहकारी समितियों के माध्यम से ऋण सुविधा तथा एग्री स्टैक एवं किसान पंजीयन से संबंधित जानकारी दी गई। किसानों को बताया गया कि आधार कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल नंबर का आपस में लिंक होना अत्यंत आवश्यक है, जिससे किसी भी योजना का लाभ समय पर मिल सके। रबी फसल बीमा की अंतिम तिथि, बीज उत्पादन पर अधिक मूल्य प्राप्त करने की प्रक्रिया और किसान पंजीयन की अनिवार्यता पर भी विस्तार से जानकारी दी गई।

महिला एवं बाल विकास विभाग का विशेष फोकस: मातृत्व, पोषण और अधिकार

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महिलाओं, गर्भवती एवं धात्री माताओं तथा बच्चों से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई। विभाग ने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पोषण आहार वितरण, केवाईसी प्रक्रिया तथा बच्चों के आधार पंजीयन के संबंध में ग्रामीणों को जागरूक किया। विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन हितग्राहियों का भुगतान केवाईसी के कारण रुका हुआ है, उनकी प्रक्रिया पूर्ण होते ही भुगतान पुनः जारी कर दिया जाएगा। इसके साथ ही बाल विवाह रोकथाम, महिलाओं एवं बच्चों के अधिकारों तथा पोषण के महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला गया।

गोदभराई और अन्नप्राशन: सामाजिक संदेश के साथ हुआ आयोजन

शिविर के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं अनीता, समीरा, सरिता एवं सविता की गोदभराई कराई गई, जिससे मातृत्व स्वास्थ्य, पोषण और पारिवारिक देखभाल के प्रति सकारात्मक संदेश दिया गया। वहीं छोटे बच्चों सुप्रिया एवं सानिया का अन्नप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया, जो बच्चों के स्वस्थ विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रही।

क्रेडा विभाग द्वारा सौर सुजला योजना की जानकारी

क्रेडा विभाग द्वारा सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापना से संबंधित जानकारी दी गई। विभाग ने बताया कि 3 एचपी एवं 5 एचपी सोलर पंप के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और सामान्य वर्ग के हितग्राहियों हेतु अलग-अलग अंशदान निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए सस्ती, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा सुविधा उपलब्ध हो सके।

श्रम विभाग ने श्रमिक कल्याण योजनाओं से कराया अवगत

श्रम विभाग द्वारा निर्माण श्रमिकों के कल्याण से संबंधित योजनाओं की जानकारी दी गई। विभाग ने मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक सियान सहायता योजना, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना और मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक-कॉपी सहायता राशि योजना, मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना और मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना की जानकारी देकर श्रमिक परिवारों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। श्रमिकों से अपील की गई कि वे अपना पंजीयन एवं नवीनीकरण समय पर कराएं, ताकि सभी योजनाओं का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके।

आवेदन और निराकरण: मौके पर समाधान, शेष पर आश्वासन

शिविर के दौरान कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 12 मांगों का निराकरण किया गया जबकि 1 समस्या को लंबित रखते हुए संबंधित विभाग को अग्रेषित किया गया। अधिकारियों द्वारा लंबित प्रकरण के शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया गया।

सुशासन की दिशा में प्रभावी और जनहितकारी पहल

समग्र रूप से ग्राम पंचायत लालपुर में आयोजित यह प्रथम विशेष शिविर प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने, शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक प्रभावी, जनहितकारी और सार्थक पहल सिद्ध हुआ। “सुशासन सप्ताह – प्रशासन गांव की ओर” अभियान के अंतर्गत आयोजित यह शिविर ग्राम स्तर पर सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस सुशासन सप्ताह के दौरान सभी विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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