एमसीबी, छत्तीसगढ़। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में नवनिर्वाचित उप सरपंचों के लिए आयोजित त्रि-दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान आज जल जीवन मिशन पर एक महत्वपूर्ण एवं तकनीकी सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र अमृत सदन, जनपद पंचायत मनेन्द्रगढ़ के सभाकक्ष में जिला पंचायत संसाधन केंद्र (डीपीआरसी) द्वारा संचालित किया गया।
सत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के विशेषज्ञों ने जल जीवन मिशन की कार्यप्रणाली, संचालन एवं संधारण की विस्तृत प्रक्रिया, शासन के राजपत्र प्रावधान, ग्राम पंचायतों को पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण की विधि तथा आपूर्ति प्रणालियों के प्रमाणीकरण एवं सत्यापन के चरणों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। विशेषज्ञों ने बताया कि योजनाओं का तकनीकी परीक्षण, समयबद्ध निगरानी और पारदर्शिता मिशन की सफलता के मुख्य स्तंभ हैं। इसके साथ ही जल गुणवत्ता परीक्षण, स्रोत संरक्षण, नियमित रखरखाव, सामुदायिक सहभागिता एवं जल संरक्षण उपायों पर भी उपसरपंचों को व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन प्रणाली को प्रभावी बनाने में जनसहयोग और स्थानीय नेतृत्व की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उपस्थित प्रतिभागियों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी और ज्ञानवर्धक बताते हुए कहा कि प्राप्त जानकारी का उपयोग वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, निगरानी और स्थायी संचालन में करेंगे। प्रशिक्षण में कुल 28 उपसरपंचों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।

