एमसीबी, छत्तीसगढ़। विशेष गहन पुनरीक्षण-2025-26 (SIR) के तहत निर्वाचन कार्यों को सुचारू और गंभीरता से सम्पन्न कराने हेतु जारी निर्देशों के बावजूद बूथ लेवल ऑफिसर एवं वालंटियर्स के दायित्व निर्वहन में लापरवाही सामने आने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेशानुसार इस संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक मतदाता को Enumeration Form का वितरण, प्राप्त फॉर्म का सत्यापन तथा अपलोडिंग एवं डिजिटाइजेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्य 4 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से पूरे किए जाने हैं। लेकिन विधानसभा क्षेत्र भरतपुर-सोनहत के मतदान केन्द्र क्रमांक 277 चैनपुर-2 के लिए नियुक्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती राधा दूबे (बीएलओ) एवं व्याख्याता श्रीमती मधु जैन (वालंटियर्स) द्वारा इन कार्यों में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई।
तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मनेन्द्रगढ़ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि गणना पत्रक के वितरण एवं मतदाताओं से प्राप्त फॉर्म की ऑनलाइन प्रविष्टि में शिथिलता बरती जा रही है, जिससे विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। निर्वाचन जैसे अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण कार्य में लापरवाही को गंभीर सेवा दोष मानते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 (अनुबंध 1.2) के प्रावधानों के तहत दोनों कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
जारी नोटिस में दोनों से 24 घंटे के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही यह भी स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समयावधि में उत्तर प्रस्तुत न करने अथवा उत्तर असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किया गया है।

