एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिले में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र के विकास और प्रोत्साहन के उद्देश्य से आज सोनहा बिहान आजीविका संकुल संगठन चंवारीडांड में जिला स्तरीय संवेदनशीलता कार्यक्रम का भव्य और सफल आयोजन किया गया। RAMP (रेज़िंग एंड एक्सीलरेटिंग MSME परफॉर्मेंस) योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यशाला का मूल उद्देश्य उद्यमियों, नवाचार कर्ताओं, महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों, कारीगरों और स्टार्टअप इकाइयों को सरकारी योजनाओं, तकनीकी उन्नयन, बाज़ार विस्तार, डिजिटल मार्केटिंग और वित्तीय सहायता के अवसरों से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कार्यक्रम प्रबंधक NRLM बिहान द्वारा किया गया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि MSME क्षेत्र आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है और RAMP योजना उद्यमियों को क्षमता निर्माण, तकनीकी सुधार, बाज़ार प्रतिस्पर्धा और व्यावसायिक मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण सिद्ध हो रही है। कार्यक्रम के दौरान MSME की परिभाषा, पंजीकरण प्रक्रिया, राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं, व्यवसाय प्रबंधन, जोखिम नियंत्रण, वित्तीय सुलभता और उद्यमिता विकास के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार पूर्वक मार्गदर्शन दिया गया। इसके साथ ही डिजिटल सक्षमता, ई-कॉमर्स के उपयोग, ऑनलाइन बिक्री एवं मार्केटिंग प्लेटफॉर्म, ब्रांडिंग और उत्पाद प्रचार की संपूर्ण जानकारी दी गई, जिससे स्थानीय एवं ग्रामीण उद्यमी राष्ट्रीय और वैश्विक बाज़ार में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज करा सकें। महिला उद्यमियों, SHG समूहों और पारंपरिक कारीगरों के लिए उपलब्ध विशेष सहायता, प्रोत्साहन एवं अवसरों पर भी विशिष्ट रूप से चर्चा की गई। कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों द्वारा इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उद्यम और उद्योग से जुड़े प्रश्न पूछकर अपने संदेह दूर किए। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से 90 से अधिक उद्यमियों एवं इच्छुक प्रतिभागियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को अत्यंत सफल और जनउपयोगी बनाया। प्रतिभागियों ने इसे ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और व्यावसायिक प्रगति में सहायक बताया। आयोजन में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं तकनीकी विशेषज्ञों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। अंत में Abhinav Institute of Technical Management द्वारा सभी प्रतिभागियों, अधिकारियों और अतिथियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित कर कार्यशाला का समापन किया गया, जो जिले में MSME क्षेत्र की मजबूती, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ ।

