एमसीबी, छत्तीसगढ़। सर्दियों के बढ़ते प्रकोप के बीच पशुपालकों के लिए अपने मवेशियों को ठंड से सुरक्षित रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। तापमान में लगातार गिरावट से पशुओं में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए समय पर देखभाल और सावधानी अत्यंत आवश्यक है। पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में पशुओं की सुरक्षा, उचित आहार और साफ-सुथरे वातावरण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
विशेषज्ञों की मुख्य सलाह: पशु शाला को गर्म रखना हवा से संरक्षित शेड, सूखा भूसा, बोरे, आयरन शीट और प्लास्टिक कवर का उपयोग करें।
स्वच्छता और बिछावन: पशुओं की त्वचा को ठंड और नमी से बचाने के लिए नियमित सफाई और नीचे सूखे बिछावन का उपयोग।
संतुलित आहारः ऊर्जा से भरपूर चारा, गुड़, दाना, मिनरल मिक्सर और साफ-सुथरा गुनगुना पानी देना।
विशेष देखभालः नवजात बछड़े और कमजोर पशुओं के लिए अतिरिक्त गर्म कपड़े, बोरे या ‘काफ जैकेट’।
स्वास्थ्य जांचः सर्दी संबंधित बीमारियों जैसे न्यूमोनिया, खांसी-जुकाम और बुखार के लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सा केंद्र में संपर्क करें। पशु स्वास्थ्य विभाग ने अपील की है कि समय पर उचित देखभाल और उपचार अपनाकर पशुपालक अपने मवेशियों की सुरक्षा के साथ-साथ दूध उत्पादन और स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित कर सकते हैं।

