एमसीबी, छत्तीसगढ़। धान खरीदी सत्र 2025-26 की शुरुआत इस वर्ष किसानों के लिए नई आशा, उत्साह और सकारात्मक अनुभव लेकर आई है। खड़गवां विकासखंड के कोड़ा उपार्जन केंद्र ने अपनी सुव्यवस्थित व्यवस्था, सहयोगी व्यवहार और पारदर्शी कार्यप्रणाली के कारण किसानों के बीच एक आदर्श उपार्जन केंद्र के रूप में पहचान बनाई है। यहाँ पहुंचने वाले किसानों के चेहरे पर संतोष और भरोसे की चमक स्पष्ट दिखाई देती है।
दिग्विजय साहू किसान परिवार की उम्मीदों का भरोसेमंद अनुभव
ग्राम देवाडांड निवासी किसान राम बरन साहू के पुत्र दिग्विजय साहू ने केंद्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव को करीब से महसूस किया। वे 130 क्विंटल धान लेकर केंद्र पहुंचे और बताया कि यह इस सीजन का उनका पहला टोकन है आगे और भी धान की आवक होगी। उनके अनुसार उनका परिवार हर साल 600-700 क्विंटल धान इसी केंद्र में विक्रय करता है। दिग्विजय साहू ने बताया कि इस बार उपार्जन केंद्र में अनुशासन, पारदर्शिता और सुगमता का वह स्तर देखने मिला है जो लंबे समय बाद महसूस हुआ है। समिति और टोकन ऐप की नई प्रणाली से किसानों को समय पर टोकन मिल रहे हैं, जिससे सुबह की भीड़ और लंबी कतारों की समस्या खत्म हो गई है। निर्धारित समय पर पहुँचते ही तौल तुरंत शुरू हो जाती है।
पिछले अनुभव, बेहतर मूल्य-नई आर्थिक मजबूती की उम्मीद
उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष भी लगभग इतनी ही मात्रा में धान बिक्री से उनके परिवार के कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए- घर-परिवार के खर्च, रबी फसल की तैयारी, कृषि निवेश एवं अन्य आवश्यक कार्य हुए हैं। इस वर्ष भी उन्हें विश्वास है कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और उपार्जन केंद्र की उत्कृष्ट व्यवस्था से उनकी आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “जब मूल्य उचित मिले और व्यवस्था सुगम हो, तो किसान का मनोबल अपने-आप बढ़ जाता है।”
सुगम और पारदर्शी व्यवस्था-किसानों के लिए बनी मिसाल
कोड़ा उपार्जन केंद्र में तौलाई के समय मशीनें पूरी क्षमता से कार्य कर रही थीं। वजन दर्ज करने में कोई त्रुटि नहीं थी और भीड़ भी पूर्णतः नियंत्रण में रही। पर्याप्त बारदाना, सुचारू मशीनें और कर्मचारियों का सहयोगात्मक व्यवहार किसानों के लिए आश्वस्त करने वाला रहा। दिग्विजय बोले-“केंद्र में प्रवेश करते ही भरोसा हो गया कि इस बार सब कुछ नियम के अनुसार और बिना किसी परेशानी के होगा। किसान जब घर से निकलता है तो मन में कई शंकाएं होती हैं, लेकिन इस केंद्र की व्यवस्थित कार्यप्रणाली ने हर चिंता दूर कर दी।”
किसानों की उम्मीदों को नई दिशा दे रहा कोड़ा उपार्जन केंद्र
केंद्र पर मौजूद अन्य किसानों ने भी माना कि इस वर्ष प्रशासन ने खरीदी व्यवस्था को लेकर अभूतपूर्व तैयारियाँ की हैं। समिति और ऑनलाइन टोकन प्रणाली से लेकर गुणवत्ता परीक्षण तक हर चरण में पारदर्शिता दिखाई दे रही है। किसानों का कहना है कि यदि खरीदी प्रक्रिया पूरे सीजन इसी सुगमता से आगे बढ़ती रही, तो इस वर्ष जिले में रिकॉर्ड धान खरीदी होना तय है। कोड़ा उपार्जन केंद्र से मिल रही यह सकारात्मक प्रतिक्रिया दर्शाती है कि किसानों का भरोसा तेजी से मजबूत हो रहा है। यही भरोसा आगे चलकर जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा और ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिरता को और सुदृढ़ करेगा।

