एमसीबी, छत्तीसगढ़। विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 21 नवंबर 2025 को जिले के विभिन्न उपार्जन केन्द्रों में टोकन आधारित धान खरीदी प्रक्रिया सुचारू, पारदर्शी और उत्साहपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। किसान हित में राज्य सरकार द्वारा लागू की गई टोकन प्रणाली के माध्यम से जिले के 24 उपार्जन केन्द्रों में कुल 152 टोकन जारी किए गए, जिनमें समिति द्वारा 139 तथा टोकन ऐप के माध्यम से 13 टोकन पंजीकृत किए गए। पंजीकृत टोकनों से किसानों द्वारा कुल 6700.80 क्विंटल धान की रिकॉर्ड खरीदी की गई, जो इस बात का प्रमाण है कि जिले के किसानों में इस प्रणाली के प्रति विश्वास और सक्रियता लगातार बढ़ रही है। जिले के विभिन्न उपार्जन केन्द्रों में प्राप्त धान की मात्रा भी उल्लेखनीय रही। कछौड़ केन्द्र में समिति द्वारा जारी 7 टोकनों से 264 क्विंटल धान की आवक दर्ज हुई। कमर्जी में 2 टोकन पर 121 क्विंटल धान आया। केल्हारी में समिति एवं ऐप दोनों के माध्यम से कुल 15 टोकन पंजीकृत हुए जिनसे 621.20 क्विंटल धान पहुंचा। कोटाडोल केन्द्र में संयुक्त रूप से 194 क्विंटल, जबकि कोटाडोल रापा में 65 क्विंटल धान खरीदा गया। कोडा कटकोना में 70.80 क्विंटल तथा कोडा में समिति और ऐप मिलाकर 260.80 क्विंटल की आवक हुई।
खडगवां ब्लॉक के कौड़ीमार केन्द्र में 719.60 क्विंटल, खडगवां में 322 क्विंटल तथा बरदार केन्द्र में 340.80 क्विंटल धान प्राप्त हुआ। रतनपुर केन्द्र में ऐप के माध्यम से पंजीकृत 3 टोकन से 144.80 क्विंटल तथा सिंगहत केन्द्र में 220 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज हुई। गडवार/कंजिया में 19 क्विंटल और कुवांरपुर में 426 क्विंटल धान की खरीदी की गई। घुटरा केन्द्र में समिति एवं ऐप मिलाकर 222 क्विंटल धान आया, कठौतिया में 24.80 क्विंटल, चैनपुर में 88.40 क्विंटल तथा बंजी केंद्र में 60 क्विंटल की आवक दर्ज हुई। जनकपुर में समिति व ऐप के कुल 9 टोकनों से 452 क्विंटल धान खरीदा गया, वहीं बहरासी केन्द्र में 314 क्विंटल धान पहुंचा। डोडकी केन्द्र में 99 क्विंटल और बरबसपुर-नागपुर में ऐप के माध्यम से 197.60 क्विंटल धान की आवक हुई। माडीसरई केन्द्र ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 844 क्विंटल धान की खरीदी की, जो जिले में सर्वाधिक है। इसी तरह सिंगरौली केन्द्र में समिति एवं ऐप के कुल 12 टोकनों से 610 क्विंटल धान खरीदा गया।
कुल मिलाकर जिले के उपार्जन केन्द्रों में किसानों द्वारा उत्साहपूर्वक धान विक्रय किया गया और कुल 6700.80 क्विंटल धान की खरीदी होने से यह स्पष्ट है कि प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाएं सफल व प्रभावी साबित हो रही हैं। टोकन प्रणाली के कारण खरीदी केन्द्रों में भीड़ नहीं लग रही, किसानों को निर्धारित समय पर तौल की सुविधा मिल रही है और संपूर्ण प्रक्रिया पारदर्शिता तथा अनुशासन के साथ संचालित हो रही है।

