एमसीबी, छत्तीसगढ़। जिला कार्यालय में आज ऑनलाइन माध्यम से समय-सीमा बैठक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्यों, प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री पोर्टल, जन शिकायतों और सरगुजा प्राधिकरण के लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि नवंबर माह में सभी लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निराकरण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। झंडा दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के सुचारू संचालन हेतु विभागीय समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने डीएमएफ के नए नियमों के तहत खड़गवां क्षेत्र के छूटे हुए पंचायतों और खदानों के आसपास बसे गांवों को पात्रता में शामिल करने के प्रस्ताव तैयार करने को कहा। बजट मद में नए कार्य जोड़ने हेतु लोक निर्माण विभाग कठौतिया सहित कृषि, पशुपालन, मत्स्य और अन्य विभागों को आगामी बजट स्वीकृति हेतु दोनों विधायकों के माध्यम से प्रस्ताव सूची तैयार करने कहा गया। डीडीए कार्यालय, हेचरी महली, मत्स्य विभाग व कृषि विभाग के प्रस्ताव संचालक स्तर पर भेजने के निर्देश भी जारी हुए।
डीएमएफ, बजट, ई-कार्यालय प्रणाली, सड़क और आंगनबाड़ी सहित विभागीय कार्यों की व्यापक समीक्षा
सभी विभागों को बजट प्रस्ताव शीघ्र भेजने कहा गया। लाइवलीहुड कॉलेज के पहुँच मार्ग, शेड और बाउंड्रीवॉल फेंसिंग के संशोधित प्रस्ताव पुनः भेजने तथा अतिरिक्त कलेक्ट्रेट भवन के संशोधित प्रस्ताव भी अलग से भेजने के निर्देश दिए गए। छोटे मार्ग और 60 मीटर से अधिक लंबाई वाले पुलों की सूची जिला पंचायत सदस्यों को उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि प्राथमिकता तय की जा सके। जिले के 60 जर्जर आंगनबाड़ियों के सुधार, एफसीडीएस, राशन दुकानों, आयुष विभाग और चैनपुर-साजा पहाड़ पहुँच मार्ग प्रस्ताव पर भी समीक्षा हुई। खरीदी प्रक्रियाओं को समय पर पूर्ण करने और उद्योग विभाग को ब्लॉक स्तर पर बल प्रशिक्षण कराने निर्देशित किया गया। भरतपुर, खड़गवां और मनेंद्रगढ़ क्षेत्रों में सरकारी ई-खरीद पहचान संख्या (GEM ID) बनाने पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने ई-कार्यालय (e-Office) व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू करने के निर्देश दिए, जिसमें सामान्य पत्र, सूचना, नोटिस सहित सभी पत्राचार को केवल ऑनलाइन माध्यम से करने कहा गया। ई-कार्यालय से संबंधित तकनीकी समस्याओं के समाधान हेतु विनायक शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई। सीएमएचओ, एलडीएम, एमएम चिरमिरी, डीईओ तानवीर सहित सभी कार्यालयों को ई-कार्यालय में अद्यतन डेटा संकलित कर संकलित सूची (कम्पाइल लिस्ट) तैयार करने कहा गया। एलडीएम को दो साल से निष्क्रिय 1615 बैंक खातों को पुनः सक्रिय कराने तथा कृषि, पशुपालन, मत्स्य, बागवानी और वेटनरी विभाग के साथ बैंकर्स की मासिक बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
सभी विभागीय निर्माण कार्यों की प्रगति को लेकर किया समीक्षा
बैठक में आरसीटी, वन विभाग, डीएवी चिरमिरी, अतिरिक्त भूमि, सोकोस नोटिस, रेत खदान, भूमि आवंटन, उधनापुर तथा कोटाडोल-देवाडांड़ से जुड़े प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा हुई। वन विभाग को सामान्य सभा में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने निर्देशित किया गया। रतनपुर उपकेंद्र, खड़गवां पाइप लाइन, कत्था स्कूल मरम्मत तथा 90 आंगनबाड़ी केंद्रों में आयोजित होने वाले वजन उत्सव की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला पंचायत सदस्यों को सूचना भेजने और उनके फोटोग्राफ मंगाने को भी कहा गया।
छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी की राशि, जिला शिक्षा अधिकारी और नवोदय विद्यालय से जुड़े स्वीकृति मामलों की अद्यतन जानकारी ली गई। एसडीएम कार्यालय भरतपुर और खड़गवां में स्टैंड व शेड निर्माण, नगर निगम के उप अभियंता (एसडीओ) और जनपद भरतपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को चैन फेंसिंग कार्य शीघ्र आरंभ करने निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) और तहसील कार्यालय में चल रहे कार्यों की प्रगति तेजी से पूर्ण करने को कहा गया। कलेक्टर ने बैठक के अंत में चेताया कि विकास कार्यों एवं जनहित योजनाओं में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समय-सीमा के भीतर ठोस कार्रवाई व जमीनी प्रगति हर स्थिति में अनिवार्य है।
इस वर्चुअल बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे, अनिल कुमार सिदार, विनायक शर्मा, इंद्रा मिश्रा सहित सभी एसडीएम, जनपद सीईओ और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

