एमसीबी, छत्तीसगढ़। खड़गवां ब्लॉक में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा आज कृषि ऋण आउटरीच कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों, स्वयं सहायता समूहों (SHG) और ग्रामीण उद्यमियों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाना तथा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देना रहा। कार्यक्रम में सेंट बफ़ूद प्रोसेसिंग योजना, सेंट पोल्ट्री योजना और सेंट कोल्ड स्टोरेज योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। बैंक अधिकारियों ने बताया कि ये योजनाएँ कृषि क्षेत्र में मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
वित्तीय साक्षरता पर विशेष सत्र
ग्रामीण क्षेत्र में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने हेतु वित्तीय साक्षरता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें डिजिटल बैंकिंग, सुरक्षित लेनदेन, ऋण सुविधाएँ, बचत खाते और सरकारी वित्तीय योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जीतू, परसराम और संजीव द्वारा दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि इस सत्र ने उन्हें आधुनिक बैंकिंग की उपयोगी जानकारी प्रदान की है।
कुल 1 करोड़ 94 लाख का ऋण वितरण
कार्यक्रम में SHG और किसानों को विभिन्न व्यवसायों एवं कृषि गतिविधियों के लिए बड़े पैमाने पर ऋण स्वीकृत किए गए ।जिसमें खड़गवां को 84 लाख रुपये, देवाडाँड़ को 35 लाख रुपये, छोटा बाजार को 10 लाख रुपये, कुरासिया को 20 लाख रुपये, चिरमिरी को 45 लाख रुपये स्वीकृत किए गए । कुल मिलाकर 1 करोड़ 94 लाख रुपये का ऋण वितरण किया गया। इससे क्षेत्र में स्वरोजगार, कृषि आधारित उद्योग, तथा सूक्ष्म उद्यमों को नई मजबूती मिलेगी।
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण उपस्थिति
कार्यक्रम में जनपद सीईओ रूपेश बंजारे, एलडीएम संजील पाटील, देवडांड ब्रांच मैनेजर दीपक कुमार, खड़गवां ब्रांच मैनेजर राजीव रंजन, चिरमिरी ब्रांच मैनेजर रुपेश, कुरासिया ब्रांच मैनेजर अभिषेक, छोटा बाजार ब्रांच मैनेजर अजय सहित स्वयं सहायता समूहों की दीदियां बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
ग्रामीण विकास की दिशा में प्रभावी पहल
बैंक अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया किसानों, छोटे उद्यमों और SHG को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऋण आउटरीच कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को वित्तीय सुविधाओं से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना और क्षेत्र को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। कार्यक्रम ने खड़गवां क्षेत्र में न केवल विकास की नई राह खोली, बल्कि ग्रामीणों में बैंकिंग सेवाओं के प्रति विश्वास और उत्साह भी बढ़ाया।

