एमसीबी, छत्तीसगढ़/रजत जयंती महोत्सव एवं हर दिन हर घर आयुर्वेद के तृतीय चरण के अंतर्गत 10 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देश पर एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खरे के मार्गदर्शन में जिले भर में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य, स्वच्छता और आयुर्वेदिक ज्ञान को बढ़ावा देने के अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विगत 11 अक्टूबर 2025 को DAV स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु हाट बाजार में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। इस अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. एस.पी. केसरवानी ने विद्यार्थियों को हर दिन हर घर आयुर्वेद के तहत स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी आयुर्वेदिक नियमों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में 200 लाभार्थियों ने भाग लिया। साथ ही रजत जयंती सप्ताह के अवसर पर माध्यमिक शाला कछोड़ के विद्यार्थियों को शासकीय आयुर्वेद औषधालय के औषधि उद्यान का भ्रमण कराया गया।
विद्यार्थियों को एक-एक औषधि का परिचय देकर उनके उपयोग और औषधीय गुणों के बारे में विस्तार से बताया गया। इस अवसर पर रोग प्रतिरोधक काढ़ा का वितरण भी किया गया, जिसमें 50 लाभार्थियों ने भाग लिया। शासकीय आयुर्वेद औषधालय कुंवारपुर में विद्यार्थियों को विभिन्न औषधीय पौधों को दिखाकर उनके महत्व और स्थानीय नामों से पहचान कराई गई। इस कार्यक्रम में कुल 64 लाभार्थियों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव अभियान के तहत स्वामी आत्मानंद विद्यालय केल्हारी के बच्चों और स्टाफ को भी औषधि उद्यान का भ्रमण कराया गया। इस दौरान तुलसी, अशोक, नीम, भृंगराज, सदाबहार, भुइआवला, पत्थरचट्टा आदि औषधीय पौधों की पहचान कराई गई और उनके औषधीय गुणों के बारे में जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम में 192 लाभार्थियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त आयुष केंद्र बाहरसी और शासकीय आयुर्वेद ओकाला बड़गांव कला में भी विद्यार्थियों को औषधि उद्यान भ्रमण कराया गया।
विभिन्न औषधियों का परिचय कराते हुए उनके उपयोगिता के बारे में बताया गया। आयुष केंद्र बाहरसी में 25 और ओकाला बड़गांव कला में 34 लाभार्थियों ने इस कार्यक्रम का लाभ उठाया। इन सभी कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और आयुर्वेद के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली और यह रजत जयंती महोत्सव के दौरान शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक यादगार पहल साबित हुई।

