बिलासपुर, छत्तीसगढ़! प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड में बहतराई से परसाही मार्ग होते हुए बिजौर तक लगभग साढ़े छह किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एक करोड़ 79 लाख रुपये की लागत से पूर्ण किया गया है। इस सड़क के निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को उबड़-खाबड़ मार्ग की समस्या से मुक्ति मिल गई है। अब आवागमन सुगम होने के साथ-साथ ग्रामीण अंचल के विकास की रफ्तार भी तेज हुई है। इस सड़क का लाभ तीन गांवों के हजारों ग्रामीणों को मिल रहा है। स्थानीय लोगों ने इस सुविधा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।ग्रामीणों का कहना है कि पहले यह सड़क पूरी तरह गड्ढों से भरी और उखड़ी हुई थी। पहले बारिश के दिनों में कीचड़ और पानी भरने से आवागमन कठिन हो जाता था। इससे स्कूल जाने वाले बच्चों, बीमार लोगों और शहर में कामकाज के लिए जाने वाले ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्थानीय किसान सहदेव कौशिक ने बताया कि सड़क बनने से फसल को शहर तक ले जाना आसान हो गया है। पहले खराब रास्तों के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन फँस जाते थे, जिससे समय और धन दोनों का नुकसान होता था। वहीं छात्र युग भार्गव ने कहा कि सड़क बनने से विद्यालय आने-जाने में कठिनाई समाप्त हो गई है और दुर्घटनाओं का खतरा भी काफी कम हो गया है। गाँव के बुजुर्गों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए “जीवन रेखा” साबित हो रही है।
सड़क निर्माण से बहतराई, परसाही और बिजौर क्षेत्र के ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। अब आवागमन आसान हो गया है, समय की बचत हो रही है और दुर्घटनाओं में कमी आई है। भारत सरकार ने 25 दिसंबर 2000 को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य 500 या उससे अधिक आबादी वाले गाँवों (पहाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में 250 आबादी वाले गाँवों) को हर मौसम में उपयोगी सड़कों से जोड़ना है। योजना के अंतर्गत सड़कों का निर्माण एवं रख-रखाव की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाती है, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।